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मंगलवार, 29 नवंबर, 2005 को 08:15 GMT तक के समाचार

कनाडा में मार्टिन सरकार गिरी

कनाडा के प्रधानमंत्री पॉल मार्टिन की सरकार अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की वजह से गिर गई है.

कनाडा के तीन प्रमुख विपक्षी दलों ने मार्टिन की लिबरल पार्टी की सरकार के ख़िलाफ़ वोट दिया, सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे.

मार्टिन मंगलवार को संसद को भंग करने की सिफ़ारिश करेंगे जिसके बाद आम चुनावों की तारीख़ की घोषणा की जाएगी.

माना जा रहा है कि चुनाव 16 या 23 जनवरी को होंगे.

ताज़ा जनमत सर्वेक्षण इस ओर इशारा करते हैं कि लिबरल पार्टी को सबसे अधिक वोट मिलेंगे लेकिन वह बहुमत हासिल नहीं कर सकेगी.

कनाडा की संसद में हुए मतदान में मार्टिन की 17 महीने पुरानी सरकार के ख़िलाफ़ 171 वोट पड़े जबकि उनके समर्थन में 133.

कनाडा की विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी के नेता स्टीफ़न हार्पर ने कहा, "यह बहुत ही ऐतिहासिक शाम थी, यह भ्रष्टाचार में लिप्त दिशाहीन सरकार का ही अंत नहीं है बल्कि कनाडा के लिए उज्ज्वल भविष्य की शुरूआत भी है."

पॉल मार्टिन ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव में पराजित होने के बाद दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव में जीतकर दोबारा सत्ता में आएगी.

उन्होंने कहा कि वे गवर्नर जनरल से मिलकर संसद को भंग करने की सिफ़ारिश करेंगे जिसके बाद चुनाव की तारीख़ों की घोषणा की जाएगी.

भ्रष्टाचार

1990 के दशक में लिबरल सरकार ने कई विज्ञापन एजेंसियों को मोटी रकम दी थी, विपक्ष का आरोप है कि इसके बदले में सरकार के बड़े लोगों ने रिश्वत ली थी.

पॉल मार्टिन का नाम इस घोटाले में सीधे तौर पर नहीं आया है लेकिन विपक्ष का कहना है कि वे सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं.

इससे पहले मई महीने में भी वे अविश्वास प्रस्ताव से सिर्फ़ एक वोट से अपनी सरकार बचा पाए थे, इस बार भी शायद उनकी सरकार बच जाती लेकिन इसी महीने निजी स्वास्थ्य सेवाओं पर किए जाने ख़र्च को लेकर न्यू डेमोक्रेट पार्टी से उनके मतभेद बहुत बढ़ गए.

न्यू डेमोक्रेट, कंज़रवेटिव और ब्लॉक क्यूबेकोइस पार्टियों ने सरकार के ख़िलाफ़ वोट देकर पॉल मार्टिन को सत्ता से हटा दिया.

कनाडा के लोकतंत्र के इतिहास में 26 वर्षों के अंतराल के बाद पहली बार सर्दियों में चुनाव अभियान चलाया जाएगा.