गज़ा पट्टी और मिस्र के बीच फिर से खोली गई रफ़ा सीमा चौकी से होकर लोगों ने आना जाना शुरू कर दिया है.
शनिवार को चौकी आम लोगों के लिए खोले जाने के बाद यात्रियों से भरी कई बसों ने सीमा पार किया.
चौकी खोले जाने के आधिकारिक समारोह में फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास भी मौजूद थे.
फ़लस्तीनियों के नियंत्रण में यह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकी है.
अली क़हमान नामक एक यात्री ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, "आज का दिन हर फ़लस्तीनी के लिए ख़ुशी का दिन है. हमारी मुसीबतें ख़त्म होनेवाली हैं.
जबकि जिहाद ने एपी एजेंसी को बताया, "ये नए युग की शुरूआत है जो मेरे लिए नया आयाम खोलेगा."
रफ़ा चौकी ही गज़ा पट्टी को बाहरी दुनिया से जोड़ती है क्योंकि यहाँ कोई बंदरगाह नहीं है और इसराइल ने हवाई अड्डे को खोलने की इजाज़त नहीं दी है.
वीडियो लिंक से निगरानी
गज़ा से बीबीसी संवाददाता एलन जॉन्सटन के अनुसार चौकी पर इसराइली सैनिकों की मौजूदगी पर फ़लस्तीनियों में हमेशा ही रोष रहा था. उन्हें वहाँ अनावश्यक जाँच-पड़ताल की शिकायत रहती थी.
इसराइल ने गज़ा से अपने सैनिकों और लोगों को निकालने के बाद रफ़ा चौकी को यह कहते हुए बंद कर दिया था कि बाहर से हथियार लाने में इस रास्ते का इस्तेमाल हो सकता है.
इसराइल सरकार ने इस रास्ते बाहर से चरमपंथियों के गज़ा आने की भी आशंका जताई थी.
इसराइल पिछले चार दशकों से सीमा के इस हिस्से पर नियंत्रण रखे हुए था. नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसराइली सैनिक अपने क्षेत्र से एक वीडियो लिंक के ज़रिए रफ़ा चौकी पर निगरानी रखेंगे.