शुक्रवार, 25 नवंबर, 2005 को 01:59 GMT तक के समाचार
चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि बारह दिन पहले एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र में हुए विस्फोट की वजह से सुंख्वा नदी में फैले जहरीले रसायन की मात्रा क़रीब एक सौ टन है.
सुंख्वा नदी में नाइट्रो बेन्ज़ीन नामक रयासनों की मात्रा सुरक्षित माने जाने वाली स्तर से अब भी दस गुना मौजूद है.
चीन के पूर्वोत्तर प्रांत के हार्बीन नगर के क़रीब चालीस लाख निवासियों के लिए पानी की आपूर्ति का एक मात्र साधन यह नदी ही है.
इन लोगों को बिना पानी के तीसरा दिन भी गुज़ारना पड़ा है.
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ का कहना है कि रविवार तक शायद पानी की आपूर्ति बहाल हो जाए.
सुंख्वा नदी में ज़हरीले रसायन के रिसाव की वजह से चालीस लाख की आबादी वाले हार्बीन शहर को पानी की आपूर्ति बंद करनी पड़ी थी.
समस्या ये भी है कि यह नदी चीन से होते हुए रूस में जाती है लोग इसके पानी का इस्तेमाल पीने के लिए भी करते हैं.
चीन और रूस के बीच एक हॉटलाइन स्थापित की गई है ताकि दोनों देशों को इसकी पूरी जानकारी हो.
एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र में हुए धमाके के कारण बेन्ज़ीन रसायन इस नदी में फैल गया था जिससे वहाँ पानी पीने लायक नहीं रहा. यह फ़ैलाव अब 80 किलोमीटर तक हो गया है.
रसायन धीरे-धीरे पानी के बहाव के साथ नदी में आगे बढ़ता जा रहा है और कई शहरों को अपनी चपेट में ले रहा है.
पानी की आपूर्ति बंद करने के साथ-साथ लोगों को प्रदूषित पानी से दूर रहने को कहा गया है क्योंकि इससे कैंसर हो सकता है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शहर में पीने के पानी की बोतलें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं लेकिन सामान्य जन-जीवन प्रभावित हुआ है.