मंगलवार, 22 नवंबर, 2005 को 01:36 GMT तक के समाचार
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि लिकुड पार्टी के साथ बने रहने का मतलब था इसराइल के हित का काम छोड़कर राजनीतिक लड़ाई में समय बर्बाद करना.
प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने सोमवार को सत्ताधारी लिकुड पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी और राष्ट्रपति से मिलकर संसद भंग करके जल्द चुनाव कराने की सिफ़ारिश की थी.
बाद में टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में शेरॉन ने कहा कि उनकी नयी पार्टी ग़ज़ा पट्टी से वापसी के बाद तैयार हुए माहौल का लाभ उठाकर फ़लस्तीनियों के साथ शांति स्थापित करने के लिए रोड मैप के आधार पर काम करेगी.
लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया कि अब क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी इलाक़ों से कोई एकतरफ़ा वापसी होगी. शेरॉन ने कहा कि वे इस बात के लिए ज़ोर देंगे कि फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों को निशस्त्र किया जाए.
शेरॉन ने अपने संबोधन में सामाजिक मुद्दों की भी चर्चा की औऱ कहा कि वे इसराइल में आर्थिक समृद्धि क़ायम करके ग़रीबी दूर करेंगे.
नयी पार्टी
दूसरी ओर प्रधानमंत्री शेरॉन की घोषणा के बाद संसद में लिकुड पार्टी के 40 में से 14 सदस्यों ने कहा है कि वे शेरॉन की नयी पार्टी में शामिल होंगे.
शेरॉन की नयी पार्टी का नाम दिया गया है नेशनल रेस्पॉन्सेबिलिटी पार्टी. इन 14 सांसदों में चार मंत्री भी हैं. इनमें उप प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट भी शामिल हैं.
उधर लिकुड पार्टी का कहना है कि वह जल्द ही नए नेता का चुनाव करेगी. पूर्व प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री शॉल मोफ़ाज़ ने संकेत दिया है कि वे नेता पद के लिए मैदान में खड़े हो सकते हैं.
इसराइल के राजनीतिक घटनाक्रम पर फ़लस्तीनियों की भी नज़र है. फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि वे इस पर नज़र रखे हुए हैं कि इसराइल में राजनीतिक घटनाक्रमों का शांति प्रक्रिया पर क्या असर पड़ता है.
फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब एराकात ने उम्मीद जताई है कि इसराइली राजनीतिक घटनाक्रम में स्थिरता आने के बाद ऐसा इसराइली नेतृत्व सामने आएगा जो बातचीत आगे जारी रखने को तैयार होगा.