http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 22 नवंबर, 2005 को 22:13 GMT तक के समाचार

'अल जज़ीरा पर हमला चाहते थे बुश'

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने इन दावों को ख़ारिज़ कर दिया है कि जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अरबी टेलीविज़न चैनल अल जज़ीरा के दफ़्तर पर हमले की 'योजना' बनाई थी.

अमरीकी राष्ट्रपति पर ये आरोप ब्रिटेन के एक समाचारपत्र डेली मिरर में लगाए गए थे.

अख़बार ने एक अनाम सूत्र के हवाले से लिखा है कि पिछले वर्ष ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के अमरीका दौरे के समय बुश ने ऐसी इच्छा जताई थी लेकिन टोनी ब्लेयर ने इसके विरोध में दलील दी थी.

मिरर ने अपने सूत्र के हवाले से लिखा है कि एक अति गोपनीय पत्र में दोनों नेताओं की बातचीत दर्ज की गई है जिससे बुश की 'योजना' का पता चलता है.

अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा 1996 में अस्तित्व में आया और अक्सर इस टेलीविज़न चैनल पर अल क़ायदा के बयान प्रसारित किए जाते रहे हैं.

अल जज़ीरा का कार्यालय क़तर की राजधानी दोहा में स्थित है. क़तर अमरीका का सहयोगी है और इराक़ युद्ध के समय अमरीका ने अपना मुख्यालय वहीं बनाया था.

आरोप और खंडन

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने डेली मिरर में लगाए गए आरोप को एकसिरे से ख़ारिज़ करते हुए कहा है,"हम ऐसी अजीबोगरीब बात पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देकर उसका महत्व नहीं बढ़ाना चाहते".

वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता का कहना था,"हमें इस रिपोर्ट के बारे में कुछ नहीं कहना है. हम लीक हो गए दस्तावेज़ों पर कोई टिप्पणी नहीं करते".

लेकिन इराक़ पर हमले का विरोध करनेवाले ब्रिटेन के पूर्व रक्षा मंत्री और लेबर पार्टी नेता पीटर किल्फ़ोएल ने इस कथित बातचीत के ब्यौरे को सार्वजनिक किए जाने की माँग की है.

उन्होंने कहा,"अगर ये बात सही है कि राष्ट्रपति बुश अल जज़ीरा पर बम गिराना चाहते थे तो इससे बात आगे जाती है और ऐसे प्रेस ठिकानों पर हुए हमलों के बारे में सवाल पैदा होता है जिनके साथ गठबंधन सेना नहीं थी".

अल जज़ीरा ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह कुछ कहने से पहले इस रिपोर्ट की विश्वसनीयता जानना चाहता है. उसने ब्रिटेन सरकार से यथाशीघ्र इसकी पुष्टि करने का आग्रह किया है.

अल जज़ीरा ने कहा है,"अगर ये रिपोर्ट सही है तो ये ना केवल अल जज़ीरा बल्कि दुनिया भर के समाचार संगठनों के लिए चिंताजनक बात है".

बीबीसी के विश्व मामलों के संवाददाता पॉल रेनॉल्ड्स का कहना है कि अल जज़ीरा पर हमले का अर्थ क़तर पर हमला करना होता और ऐसे में लगता है कि बुश मज़ाक ही कर रहे होंगे और ये कोई गंभीर प्रस्ताव नहीं था.