सोमवार, 21 नवंबर, 2005 को 16:52 GMT तक के समाचार
इराक़ में अलग-अलग पार्टियों और समुदायों के नेताओं के बीच मेल-मिलाप को बढ़ावा देने के लिए चल रही बैठक में एक साझा बयान पर सहमति बन गई है.
मिस्र में चल रही इस बैठक में इराक़ी राजनेताओं ने कहा है कि वे इराक़ी जनता के विरोध प्रदर्शन को जायज़ मानते हैं.
सुन्नी और शिया राजनेताओं ने बीबीसी को बताया कि विरोध करना इराक़ी लोगों का जायज़ हक़ है, उन्होंने अमरीका का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि यह बात अमरीकी सेना की मौजूदगी के संदर्भ में कही गई है.
लेकिन साथ ही उन्होंने नागरिकों पर होने वाले हमलों को आतंकवाद करार देते हुए उसकी निंदा की है.
इराक़ी सरकार बयान में ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल नहीं चाहती थी जिसे विद्रोहियों के समर्थन के तौर पर देखा जाए.
राजनेता इस पर भी सहमत हो गए कि इराक़ से अमरीकी सेना के हटने की बात को इस बात से जोड़ कर देखा जाए कि इराक़ी सुरक्षा बल उनकी जगह लेने में कितने सक्षम हैं.
इस बारे में आधिकारिक बयान सोमवार देर रात तक आने की उम्मीद है.
ये बैठक मिस्र की राजधानी काहिरा में अरब लीग ने आयोजित की थी.