सोमवार, 21 नवंबर, 2005 को 20:50 GMT तक के समाचार
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे से जुड़े पश्चिमी अधिकारियों ने कहा है कि अमरीका और यूरोपीय संघ, ईरान का मामला फ़िलहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद नहीं भेजेंगे.
यूरोपीय संघ के एक अधिकारी ने रॉयटर्स एजेंसी को बताया, “ये पक्का है कि ईरान के ख़िलाफ़ कोई प्रस्ताव नहीं रखा जाएगा. रूस और चीन इसके ख़िलाफ़ हैं.”
नई योजना के तहत ईरान को यूरेनियम संवर्द्धन करने दिया जाएगा.
पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि अब ईरान को और समय दिया जाएगा ताकि वो इस बात पर विचार कर सके कि यूरेनियम संवर्द्धन का आगे का काम रूस में हो.
ये प्रस्ताव दो हफ़्ते पहले रखा गया था लेकिन ईरान इसका विरोध करता आया है.
ईरानी संसद
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी विएना में गुरुवार को मिल रही है.
इस बैठक में विचार किया जाएगा कि परमाणु अप्रसार संधि के उल्लंघन के लिए ईरान का मामला संयुक्त राष्ट्र भेजा जाए या नहीं.
इससे पहले रविवार को ईरान के सांसदों ने प्रस्ताव पारित किया था कि अगर परमाणु कार्यक्रम को लेकर उनके देश का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास भेजा गया, तो संयुक्त राष्ट्र को कम समय के नोटिस पर उसके परमाणु संयंत्रों का निरीक्षण नहीं करने दिया जाएगा.
ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए हैं और उसका कहना है कि उसे शांतिपूर्ण मकसद के लिए परमाणु कार्यक्रम विकसित करने का हक़ है.
आईएईए
पिछले साल ईरान और यूरोपीय संघ के बीच हुए समझौते का उल्लंघन करते हुए ईरान ने इसफ़ाहान में अपने परमाणु केंद्र में काम भी शुरु कर दिया था.
इसके बाद यूरोपीय संघ के साथ बातचीत बंद हो गई थी.
सितंबर में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड की बैठक में ईरान से परमाणु गतिविधियाँ बंद करने के लिए कहा गया था और मामला सुरक्षा परिषद के पास भेजने की चेतावनी भी दी गई थी.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की एक अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि परमाणु हथियार का एक अहम हिस्सा कैसे बनाया जाता है, इस बारे में ईरान को जानकारी उस नेटवर्क से मिली थी जिसे पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान चलाते थे.