इसराइल की लेबर पार्टी की केंद्रीय समिति ने प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने के पक्ष में मत डाला है.
ये फ़ैसला लेबर पार्टी की केंद्रीय समिति ने पार्टी के नए नेता आमिर पेरेट्ज के भाषण के बाद किया.
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि अरियल शेरॉन के शासनकाल के दौरान ग़रीबी बढ़ी है और आप्रवासियों को ज़लील होना पड़ा है.
उनका कहना था, “इतने सालों से लिकुद पार्टी ग़रीबों, भूखे बच्चों और कर्मचारियों से कहती आई है कि थोड़ा इंतज़ार कीजिए, हम अभी आतंकवाद से लड़ रहे हैं. ये लोग सुरक्षा के मुद्दे को लेकर हमें डराते रहे हैं.”
आमिर पेरेट्ज़ इसी महीने वरिष्ठ नेता और उप प्रधानमंत्री शिमॉन पेरेस को हराने के बाद लेबर पार्टी के नेता चुने गए थे.
आमिर पेरेट्ज़ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे चाहते हैं कि लेबर पार्टी गठबंधन सरकार से बाहर हो जाए.
पिछले हफ़्ते हुई बैठक में अरियल शेरॉन और आमिर पेरेट्ज़ में इस बात पर सहमति हुई थी कि मार्च के अंत तक राष्ट्रीय चुनाव होंगे.
इसराइल के एक अख़बार के मुताबिक़ आमिर पेरट्ज़ ने अविभाजित येरुशलम की वकालत की है और फ़लस्तीनियों के वापस लौटने के अधिकारों का विरोध किया है.