शनिवार, 19 नवंबर, 2005 को 00:16 GMT तक के समाचार
इराक़ में हिंसा की घटनाओं में शुक्रवार को अलग-अलग बम धमाकों में कम से कम 75 लोग मारे गए हैं और 80 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.
पूर्वोत्तर इराक़ी शहर ख़ानक़िन में दो शिया मस्जिदों में हुए आत्मघाती बम हुए. इसके अलावा गृह मंत्रालय के बाहर भी कार बम धमाके हुए.
ख़ानक़िन की दोनों शिया मस्जिदों में जुमे की नमाज़ के लिए भारी भीड़ जमा थी, उसी भीड़ में घुसकर आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोट कर दिया.
दियाला प्रांत के स्थानीय नेता हसन अल बजालान ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "दो आत्मघाती हमलावर अपनी कमर में विस्फोटक बाँधकर आए थे, उन्होंने बड़ी और छोटी, दोनों मस्जिदों में धमाका कर दिया."
ख़ानक़िन ईरान की सीमा से लगा एक छोटा सा शहर है जिसे ईरान-इराक़ युद्ध के दौरान भारी नुक़सान पहुँचा था, यहाँ शियाओं और कुर्दों की मिलीजुली आबादी है.
बग़दाद धमाका
राजधानी में धमाके इराक़ी गृह मंत्रालय के उसी दफ़्तर के बाहर हुए हैं जिसे क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में दोषी माना जा रहा है.
ये कार बम धमाके थे जिन्हें आत्मघाती हमला बताया जा रहा है, ज़दिरिया इलाक़े में हुए इन धमाकों में 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं क्योंकि आसपास की कई रिहाइशी इमारतों को नुक़सान पहुँचा है.
कई लोग इमारत गिरने के बाद उसके मलबे में दब गए जिन्हें बहुत मुश्किल से बाहर निकाला जा सका.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दो आत्मघाती कार बम हमलावरों ने कारों को गृह मंत्रालय की इमारत से टकराने की कोशिश की लेकिन वह उसके सामने बने कंक्रीट के अवरोध से जा टकराईं.
चंद मिनटों के अंतराल पर दो ज़ोरदार धमाके हुए और बग़दाद शहर से उठता धुआँ दूर से दिखाई देने लगा, जहाँ विस्फोट हुआ वहाँ सड़क पर एक बड़ा सा गड्ढा बन गया है.
इराक़ी गृह मंत्रालय की इमारत में गुप्त रूप से क़ैदियों को रखने और उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित करने की ख़बर आने के बाद हुई इस घटना को बदले की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.