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बुधवार, 16 नवंबर, 2005 को 15:11 GMT तक के समाचार

चीन में बर्ड फ्लू इंसानों में भी

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा है कि वहाँ बर्ड फ्लू का ख़तरनाक वायरस एच5एन1 अब इंसानों में भी पहुँच गया है और ऐसे पहले मामले की पुष्टि हुई है.

शिन्हुआ के अनुसार चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि केंद्रीय प्रांत और अनहुई में ऐसे दो मामले सामने आए हैं जिनमें यह ख़तरनाक वायरस इंसानों में पहुँच गया है.

हालाँकि मंत्रालय ने बहुत ही संक्षिप्त बयान दिया है और इसमें इन मामलों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई है.

चीन ने कहा है कि वहाँ बर्ड फ़्लू का ख़तरनाक वायरस एच5एन1 अब इंसानों में भी पहुँच गया है और ऐसे पहले मामले की पुष्टि हो गई है.

चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर कहा है कि तीन लोगों को बर्ड फ़्लू होने की वो पुष्टि करते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के जिनेवा में एक अधिकारी डिक थॉमसन ने बीबीसी को इस बात की जानकारी देते हुए कहा, "हाँ ये सही है, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि दो लोगों में बर्ड फ़्लू के वायरस एच5एन1 के कारण बीमार पड़े हैं."

"मध्य चीन के हूनान प्रांत का एक 9 साल का बच्चा बीमार पड़ा और वो ठीक हो गया है लेकिन पूर्वी चीन के प्रांत अनहुई की एक 24 वर्षीया महिला की इस वायरस के कारण मौत हो गई है. ये महिला एक मुर्ग़ी पालन केंद्र में काम करती थी."

आशंका

चीन में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि हेंक बेकदम कहते हैं कि ठंड में ये बीमारी बढ़ सकती है, "हमें इस बात की आशंका है. ये वायरस ठंड में ज़्यादा लंबा जीवन जीता है इसीलिए हमें ये डर है कि सर्दी के मौसम में चीन के कुछ इलाक़ों में बर्ड फ़्लू के और मामले सामने आ सकते हैं.”

लेकिन सबसे बड़े सवाल का जवाब अब भी नहीं मिला है और वो ये कि ये बीमारी चीन में बर्ड फ़्लू से प्रभावित लोगों को किसी और इंसान से लगी या पक्षी से.

क्योंकि अगर ये बीमारी किसी और इंसान से लगी है तो स्थिति बहुत ही ख़तरनाक होगा और उससे निपटने के लिए दुनिया के तमाम देशों को तुरंत क़दम उठाने की ज़रूरत होगी.

फ़िलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन को लगता है कि ऐसा होने की संभावना कम है लेकिन सबको इस बात पर ध्यान रखने की ज़रूरत तो होगी ही.

चीन में अक्तूबर 2005 में बर्ड फ्लू का ख़तरनाक एच5एन1 नामक वायरस पक्षियों में फैलने के 11 मामले सामने आए थे.

चीन सरकार ने मंगलवार को आहवान किया था कि देश में मौजूद लगभग 14 अरब पक्षियों को वायरस निरोधक दवाई दी जाए ताकि इस वायरस को और फैलने से रोका जा सके.

बर्ड फ्लू के ख़तरनाक एच5एन1 नाम वायरस से दक्षिण पूर्वी एशिया में 2003 से साठ से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.