मंगलवार, 15 नवंबर, 2005 को 13:06 GMT तक के समाचार
उनकी उम्र है 175 वर्ष, ऑस्ट्रेलिया में उनका जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है.
उनका नाम हैरियट है और उनका घर है एक चिड़ियाघर जहाँ उनके जन्मदिन के अवसर फूलों का ख़ास केक तैयार किया गया है.
हालाँकि उनका कोई जन्म प्रमाणपत्र तो नहीं है लेकिन डीएनए जाँच से उनकी उम्र का पता चला है.
हैरियट गैलापागोस द्वीप पर जन्मीं एक मादा कछुआ हैं जो दुनिया के सबसे बुज़ुर्ग ज्ञात प्राणियों में से एक हैं.
हैरियट को पिछले 17 वर्षों से ऑस्ट्रेलिया ज़ू में रखा गया है.
कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि हैरियट ब्रितानी वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन के शोध में भी शामिल रह चुकी हैं.
चार्ल्स डार्विन जब अपना शोध पूरा करके अपने मशहूर जहाज़ बीगल पर सवार हुए थे तो उनके साथ कई कछुओं ने भी यात्रा की थी.
डार्विन ने 1835 में गैलापागोस इलाक़े की यात्रा की थी, डीएनए परिणामों के मुताबिक़ हैरियट का जन्म 1830 में हुआ था.
लेकिन दूसरे वैज्ञानिकों का कहना है कि हैरियट का ताल्लुक़ कछुओं की जिस उपजाति से है वह द्वीप के एक ख़ास हिस्से में पाया जाता है जहाँ डार्विन नहीं गए थे.
डार्विन के ज़माने में हैरियट का आकार खाने की एक प्लेट के बराबर रहा होगा लेकिन अब वे बड़े डाइनिंग टेबल से कम नहीं हैं, उनका वज़न है 160 किलो.
हैरियट के जन्मदिन की ख़बरें ऑस्ट्रेलिया में छाई हुई हैं और उनसे मिलकर बधाई देने वालों का ताँता लगा हुआ है.
हैरियट को हर रोज़ अच्छी तरह नहलाया जाता है, वे पूरी तरह शाकाहारी हैं और उन्हें हरी फलियाँ ख़ास पसंद हैं.
वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी लंबी उम्र का राज़ है, तनावमुक्त जीवन.