सोमवार, 14 नवंबर, 2005 को 00:58 GMT तक के समाचार
अमरीकी सेना ने कहा है कि इराक़ में सद्दाम हुसैन के निकट सहयोगी रहे इज़्ज़त इब्राहिम अल-दौरी के सिर पर एक करोड़ डॉलर का जो इनाम रखा गया था, वो अभी भी क़ायम है.
अल-दौरी की रक्त कैंसर के कारण मौत हो जाने के बारे में विरोधाभासी ख़बरों के बीच अमरीकी सेना ने यह घोषणा की है.
उल्लेखनीय है कि इराक़ में दशकों तक इराक़ में सत्तारूढ़ रही बाथ पार्टी के एक बयान में कहा गया था कि 11 नवंबर को तड़के 0220 बजे अल-दौरी का निधन हो गया है.
इसके बाद इराक़ में अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम की बाथ पार्टी के बयान की सच्चाई पर सवाल उठाया था.
गठबंधन का यह शक सही साबित भी हो गया जब निधन की ख़बर छापने वाली बाथ पार्टी की दो वेबसाईटों ने घोषणा वापस ले ली.
इनमें से एक वेबसाईट ने सद्दाम हुसैन के सहयोगी सलाह अल मुख्तार के हवाले से कहा कि निधन की ख़बर ग़लत थी. दूसरी वेबसाईट ने एक वक्तव्य जारी करते हुए उसे अमरीकी गठबंधन की खुफिया एजेंसियों की जालसाज़ी बताया.
चौबीस घंटे तक वेबसाईट पर रहने के बाद अल-दौरी के निधन की ख़बर अचानक पन्ने से ग़ायब हो गई.
मोस्ट-वांटेड
इज़्ज़त इब्राहिम अल-दौरी सद्दाम के उन निकट सहयोगियों में सबसे वरिष्ठ माने जाते हैं जो कि अब भी क़ानून की गिरफ़्त से दूर हैं.
अमरीका ने सद्दाम शासन के जिन 55 'मोस्ट वांटेड' लोगों की सूची जारी की थी उसमें अल-दौरी का नंबर छठा है. सूची के टॉप फ़ाइव पहले ही गिरफ़्तार किए जा चुके हैं.
संवाददाताओं के अनुसार ये कहना मुश्किल होगा कि निधन की ग़लत ख़बर फैलाने से किसको फ़ायदा होगा, लेकिन जिस तरह से बाथ पार्टी के सहयोगियों ने इसको मान्यता दी, वो पार्टी में बढ़ते विभाजन और भ्रम की स्थिति की तरफ इशारा करती है.
हाल के दिनों में अल-दौरी पर आरोप लगाए गए थे कि वो चरमपंथी गुटों को आर्थिक मदद दे रहे हैं.
सद्दाम हुसैन के गृह नगर टिकरित में पैदा हुए अल-दौरी सद्दाम के दाहिने हाथ माने जाते थे.
सद्दाम ने उन्हें इराक़ी सेनाओं का डिप्टी कमांडर-इन-चीफ़ बनाया था.