रविवार, 13 नवंबर, 2005 को 21:27 GMT तक के समाचार
जॉर्डन की राजधानी अम्मान में पिछले दिनों हुए आत्मघाती बम हमले में एक संदिग्ध महिला हमलावर ने टेलीविज़न पर स्वीकार किया है कि वह भी हमलों में शामिल थी.
जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने रविवार को ही घोषणा की थी कि पिछले दिनों अम्मान में हुए बम धमाकों के सिलसिले में एक इराक़ी महिला को गिरफ़्तार किया गया है.
जॉर्डन की पुलिस का कहना है कि यह महिला तीन इराक़ी आत्मघाती हमलावरों में से एक की पत्नी है. पुलिस का कहना है कि ये महिला आत्मघाती हमलावरों में शामिल थी और अपने को धमाके से उड़ाना चाहती थी लेकिन उसकी कोशिश नाकाम रही.
साजिदा मुबारक अतरौस अल रिशावी नाम की इस महिला ने जॉर्डन के टेलीविज़न पर कहा, "मेरे पति ने विस्फोटकों वाली एक बेल्ट बाँध रखी थी और मैंने दूसरी. मेरे पति ने मुझे ये बताया था कि इसका कैसे इस्तेमाल करना है."
तैयारी
इस महिला ने आगे बताया कि कैसे वे रेडिसन होटल पहुँचे जहाँ एक विवाह समारोह चल रहा था. रिशावी ने बताया, "होटल के इस कमरे में मेरे पति एक कोने पर खड़े थे और मैं दूसरे कोने पर."
इस महिला ने बताया कि इस समय उस कमरे में महिलाएँ और बच्चे भी मौजूद थे. रिशावी ने बताया कि उन्होंने विस्फोटकों में धमाका करने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा जबकि उनके पति इसमें सफल रहे.
बुधवार को अम्मान के तीन होटलों में हुए आत्मघाती हमलों में 57 लोग मारे गए थे.
पुलिस का कहना है कि ये महिला एक इराक़ी चरमपंथी की बहन है. इस चरमपंथी को अबू मुसाब अल ज़रक़ावी का क़रीबी माना जाता था लेकिन वह फ़लूजा में अमरीकी कार्रवाई के दौरान मारा गया था.
पुलिस ने इस महिला के पास मौजूद विस्फोटकों की तस्वीर जारी की है. जॉर्डन की पुलिस ने अम्मान बम हमलों के पीछे तीन इराक़ी आत्मघाती हमलावरों का हाथ बताया है.
इनके नाम अली हुसैन अली अल शामरी, रवाद जासीम मोहम्मद आबिद और सफ़ा मोहम्मद अली बताए गए हैं.
गिरफ़्तार महिला का नाम साजिदा मुबारक अतरौस अल रिशावी बताया गया है जो शामरी की पत्नी हैं. पुलिस का कहना है कि हमले के चार दिन पहले चारों आत्मघाती हमलावरों ने इराक़-जॉर्डन सीमा से देश में प्रवेश किया था.