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लेबनान के राष्ट्रपति से पूछताछ

संयुक्त राष्ट्र का जाँच दल लेबनान के पूर्व प्रधानंमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के मामले की जाँच आगे बढ़ा रहा है, साथ ही इस मामले में सीरिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है.

जाँच दल ने लेबनान के राष्ट्रपति एमाइल लाहौद से राजधानी बेरूत में मुलाक़ात की है और उनका बयान लिया है. लाहौद को सीरिया का नज़दीकी माना जाता है.

संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट में कह गया था कि सीरिया और लेबनान के कुछ वरिष्ट ख़ुफ़िया अधिकारियों का रफ़ीक हरीरी की हत्या में हाथ हो सकता है.

सीरिया ने रफ़ीक हरीरी की हत्या में कोई हाथ होने से इनकार किया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि रफ़ीक हरीरी की हत्या करने में शामिल होने के एक अभियुक्त ने धमाके से कुछ मिनट पहले लेबनान के राष्ट्रपति एमाइल लाहौद के दफ़्तर में फ़ोन किया था.

रफ़ीक हरीरी की हत्या के मामले में चार अधिकारियों के ख़िलाफ़ आरोप निर्धारित किए गए हैं जिनमें से एक अधिकारी लाहौद का नज़दीकी माना जाता है.

राष्ट्रपति के दफ़्तर से जारी एक बयान में कहा गया है, "राष्ट्रपति ने जाँचकर्ताओं को उस बम विस्फोट से पहले और बाद में राष्ट्रपति के दफ़्तर को किए गए टेलीफ़ोन के बारे में सही-सही सूचना दी."

जाँच दल के नज़दीकी एक अधिकारी ने कहा कि दो जाँच कर्ताओं ने राष्ट्रपति लाहौद से टेलीफ़ोन संपर्क और उनके दफ़्तर में अधिकारियों को ओहदों के बारे में पूछा.

अधिकारी ने बताया कि यह बैठक क़रीब एक घंटा चली.

'सहयोग करे'

उधर अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सीरिया जाँच में आवश्यक रूप से पूरा सहयोग करे.

बुश ने कहा, "सीरिया लेबनान को अस्थिर करने और उसे डराने-धमकाने के प्रयास करना बंद करे."

लेबनान के मामलों में दशकों से सीरिया प्रभावशाली ताक़त रहा है लेकिन फ़रवरी 2005 में रफ़ीक हरीरी की मौत के मामले ने काफ़ी तूल पकड़ लिया था.

अंतरराष्ट्रीय दबाव की वजह से सीरिया को लेबनान से अपनी सेनाएँ हटानी पड़ी थीं.

ग़ौरतलब है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद पहले ही लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या की जाँच में संयुक्त राष्ट्र को पूरा सहयोग देने का वादा कर चुके हैं.