गुरुवार, 10 नवंबर, 2005 को 07:53 GMT तक के समाचार
एक इंटरनेट बयान में 'अल क़ायदा इन इराक़' नाम के संगठन ने जॉर्डन की राजधानी अम्मान में बुधवार रात हुए बम धमाकों की ज़िम्मेदारी ली है.
लेकिन इसकी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है.
तीन बड़े होटलों में हुए बम धमाकों में, स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कम से कम 56 लोग मारे गए और सौ से ज़्यादा घायल हैं.
जॉर्डन की सरकार पहले ही कह चुकी है कि उसे इराक़ में सक्रिय अल क़ायदा नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी पर शक है.
जॉर्डन के उपप्रधानमंत्री मारवान मोशेर ने अबू मुसाब अल ज़रक़ावी का नाम लिया.
अधिकारियों ने कहा है कि धमाके आत्मघाती हमलावरों ने किए.
सरकार ने देश की सीमाओं को बंद कर दिया है और एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है.
जॉर्डन निवासी मारे गए
धमाकों के समय कई लोग एक शादी समारोह में हिस्सा ले रहे थे.
जिन तीन होटलों में धमाके हुए वे हैं - ग्रांड हयात, द रैडीसन और डेज़ इन.
जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने इन धमाकों को आतंकवादी हमले बताया और कहा कि अपराधियों को सबक सिखाया जाएगा.
ग्रैंड हयात होटल में रुकी हुए एक बीबीसी संवाददाता कैरोलिन हॉली का कहना था कि कमरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कई एंबुलैंस एक साथ घटनास्थलों तक पहुँची हैं.
उनके अनुसार कई लोग बुरी तरह से घायल हुए और उनमें से एक ने तो उनके देखते-देखते ही दम तोड़ दिया.
अमरीका के साथ नज़दीकी रिश्तों के कारण जॉर्डन ऐसे हमलों का निशाना बनता रहा है.