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फ्रांस के तीस शहरों में कर्फ़्यू

फ्रांस में क़रीब एक पखवाड़े से जारी दंगों को देखते हुए तीस से ज़्यादा शहरों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

दक्षिणी शहर तूलोज़ में पुलिस और युवकों से बीच झड़पें हुई हैं और अनेक कारों को जला दिया गया लेकिन हिंसा में कुछ कमी भी आ रही है.

फ्रांस के गृह मंत्री निकोलस सारकोज़ी ने आदेश दिया है कि दंगों में भाग लेने के दोषी पाए जाने वाले विदेशी नागरिकों को देश से निकाल दिया जाए.

उन्होंने फ़्रांसीसी संसद को बताया है कि 120 विदेशी लोगों को पिछले 13 दिन से फ़्रांस में जारी दंगों में दोषी पाया गया है और उन्हें बिना किसी देरी के उनके देश वापस भेज दिया जाएगा.

फ्रांस सरकार ने मंगलवार को देश में अस्थाई तौर पर आपातकाल लागू कर दिया था जिसके तहत कर्फ़्यू, नज़रबंदी, जनसभाओं और प्रदर्शनों पर रोक जैसे उपाय शामिल हैं.

इस स्थिति में पुलिस को घरों की तलाशी लेने का भी अधिकार मिल जाता है.

कर्फ़्यू के दौरान रात को स्थानीय समय के अनुसार दस बजे से सुबह छह बजे तक 16 साल से कम उम्र के किशोरों या बच्चों के साथ किसी वयस्क का होना ज़रूरी होता है.

कर्फ़्यू में पेट्रोल ख़रीदने पर भी पाबंदी होती है.

पेरिस के बाहरी इलाक़ों में कर्फ़्यू नहींलगाया गया है. उन्हीं स्थानों पर एक पखवाड़ा पहले दंगे भड़के थे.

फ्रांस के प्रधानमंत्री डॉमिनिक द विलेपाँ ने नस्ल के आधार पर भेदभाव ख़त्म करने के बारे में क़दम उठाने का वादा किया है.

विश्लेषक नस्ल के आधार पर भेदभाव को आप्रवासी समुदायों में बेरोज़गारी का मुख्य कारण मानते हैं.