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'आतंकवाद के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पर अडिग'

ब्रिटेन के गृह मंत्री चार्ल्स क्लार्क ने कहा है कि पुलिस को आतंकवादी गतिवधियों में शामिल होने के संदिग्ध लोगों को बिना मुक़दमा चलाए 90 दिन तक हिरासत में रखने की इजाज़त देने वाले क़ानूनी बदलावों के लिए सरकार अटल है.

यह फ़ैसला प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और गृह मंत्री चार्ल्स क्लार्क की लेबर पार्टी के सांसदों से मुलाक़ात के बाद किया गया है.

ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि सभी पार्टियों के सांसदों के विरोध को देखते हुए सरकार शायद कुछ रियायतें कर देगी.

इसके बदले में सरकार वह प्रावधान शामिल करने के लिए तैयार हो गई है जिसके तहत किसी संदिग्ध व्यक्ति के मामले की एक साल के बाद समीक्षा की जाएगी. इन नए प्रावधनों को बुधवार को संसद में पेश किया जाएगा.

'रियायतें'

अगर संसद में यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाता है तो लेबर पार्टी की वरिष्ठ सांसद जेनेट एंडर्सन एक वैकल्पिक प्रस्ताव संसद में पेश करेंगी जिसमें हिरासत की अवधि घटाकर 60 दिन करने का प्रावधान होगा.

लेकिन चार्ल्स क्लार्क ने गृह मंत्रालय के बाहर बातचीत में कहा कि उन्हें भरोसा है कि लेबर पार्टी के सांसद 90 दिन वाले प्रस्ताव को ही समर्थन देंगे.

चार्ल्स क्लार्क ने कहा कि सरकार ने सांसदों को बहुत सी "रियायतों" की पहले से ही पेशकश कर दी है.

चार्ल्स क्लार्क ने कहा, "मुझे इस तथ्य में भरोसा है कि सरकार के प्रस्तावों को समर्थन देने वाले लोग बहुमत में हैं. मैंने फ़ैसला किया कि एक साल के बाद समीक्षा करने का प्रावधान करना कुछ चिंताओं को दूर करने का एक रास्ता हो सकता है."

उन्होंने कहा, "सरकार की राय है कि आरोप निर्धारित करने से पहले 90 दिन हिरासत में रखने का प्रावधान सही है, हम पुलिस की दलील मानते हैं और हमारा मानना है कि इसमें दम भी है."

'ठोस समर्थन'

प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत नाकाम होने के बावजूद वह 90 दिन की हिरासत वाले प्रावधान पर हिम्मत नहीं हारना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की ख़ातिर इन प्रावधानों की ज़रूरत है.

लिबरल डेमोक्रेट्स का कहना है किसी को बिना आरोप निर्धारित किए हिरासत में रखने की अधिकतम सीमा 14 दिन होनी चाहिए जबकि कंज़रवेटिव पार्टी हिरासत की अवधि 28 दिन करने का तर्क दे रही है.

चार्ल्स क्लार्क ने कहा कि सोमवार को लेबर पार्टी के संसदीय दल की बैठक में उभरे ठोस समर्थन के बाद वह इन प्रावधानों पर और झुकने के लिए तैयार नहीं हैं.