बर्ड फ़्लू से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व बैंक के अधिकारी सोमवार को जिनेवा में मिल रहे हैं.
इसमें कई देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं. बैठक में इस बात पर चर्चा हो रही है कि बर्ड फ़्लू से निपटने के लिए क्या क़दम उठाए जा सकते हैं.
दुनिया भर के पक्षियों पर नज़र रखने और मनुष्यों में बड़े स्तर पर बर्ड फ़्लू फैलने की स्थिति से निपटने पर एक योजना बनाए जाने की बात भी चल रही है.
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वो चीन में तीन व्यक्तियों में बर्ड फ़्लू पाए जाने के संदिग्ध मामलों की जाँच कर रहा है.
अगर इन मामलों की पुष्टि होती है तो मनुष्यों में बर्ड फ़्लू पाए जाने का चीन में ये पहला मामला होगा.
चीन
चीन में बर्ड फ्लू फैलने से किसी मनुष्य की मौत की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अब चीन का कहना है कि हाल ही में एक लड़की की हुई मौत का कारण बर्ड फ़्लू होने से नहीं नकारा जा सकता है.
चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि बर्ड फ्लू से प्रभावित लियाओनिंग प्रांत में रविवार को साठ लाख पक्षियों को मार दिया गया है.
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार लियाओनिंग प्रांत में किसानों ने बड़े पैमाने पर पक्षियों को मारे जाने के इस अभियान में मदद की और इसके बदले उन्हें मुआवज़ा दिया जाएगा.
लियाओनिंग प्रांत में तीन किलोमीटर के दायरे में मौजूद तमाम पक्षियों को मार दिया गया है. वहाँ पिछले सप्ताह ख़तरनाक एच5एन1 नामक वायरस पाया गया था.
इस अभियान में 1700 सरकारी कर्मचारियों और 100 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
इलाक़े के लोगों को मुफ़्त चिकित्सा जाँच की सुविधा मुहैया कराई जा रही है. दूसरी तरफ़ संक्रमण से अछूते क्षेत्रों में पक्षियों को टीके लगाए जा रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि बर्ड फ़्लू के वायरस से एशिया में पिछले क़रीब दो साल में 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 123 लोगों को संक्रमण हो चुका है.
अभी तक किसी ऐसे मामले की तो पुष्टि नहीं हुई है जिसमें यह बीमारी किसी मनुष्य से मनुष्य में फैली हो लेकिन ऐसा भी डर जताया जा रहा है कि यह मनुष्य से मनुष्य में फैल सकती है.