रविवार, 06 नवंबर, 2005 को 23:29 GMT तक के समाचार
फ्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने दस दिन से जारी दंगों पर आख़िरकार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि सुरक्षा और क़ानून व्यवस्था को बहाल करना सबसे पहली प्राथमिकता है.
पेरिस के शिराक ने एलीसी पैलेस में इकट्ठा हुए कुछ पत्रकारों से बातचीत में शिराक ने यह घोषणा की.
ग़ौरतलब है कि पेरिस के कुछ बाहरी इलाक़ों में भड़के दंगे पूरे देश में फैल गए.
पेरिस में बीबीसी संवाददाता पॉली बिलिंगटन का कहना है कि ज़्याक शिराक ने पत्रकारों से बातचीत से पहले देश की सुरक्षा परिषद की एक बैठक बुलाई थी जिसमें उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में प्रधानमंत्री डोमिनिक विलेपाँ और आंतरिक सुरक्षा मंत्री निकोलस सरकोज़ी भी मौजूद थे.
असामान्य बात ये थी कि इस बैठक की ख़बर को सार्वजनिक भी किया गया था.
कुछ लोगों का कहना है कि आंतरिक सुरक्षा मंत्री निकोलस सरकोज़ी की नीतियाँ और भाषा ही दंगों के लिए ज़िम्मेदार हैं और पेरिस की बाहरी बस्तियों के निवासियों का आरोप है कि उन्हें नज़रअंदाज़ किया जाता रहा है.
राष्ट्रपति शिराक पर दंगों के बारे में कोई घोषणा करने के लिए दबाव बढ़ रहा था क्योंकि दंगों का दायरा काफ़ी बढ़ चुका है.
पेरिस के बाहरी इलाक़ों से भड़के दंगे उत्तर में लिली से लेकर पाउ तक और दक्षिण में टुलोज़ से मोंटपेलियर तक फैल चुके हैं.
शिराक ने कहा कि सुरक्षा और क़ानून व्यवस्था बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है लेकिन उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि अशांति को समाप्त करने के लिए सभी का सम्मान करने, न्याय और समान अवसर की नीति की ज़रूरत होगी.