शनिवार, 29 अक्तूबर, 2005 को 10:08 GMT तक के समाचार
ईरान सरकार के एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के बयान के बावजूद इसराइल पर उसका हमला करने का कोई इरादा नहीं है.
ग़ौरतलब है कि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कुछ दिन पहले कहा था कि 'इसराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए.'
महमूद अहमदीनेजाद के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी.
हालाँकि शुक्रवार को तेहरान में इसराइल और अमरीका विरोधी प्रदर्शन भी हुए थे.
बीबीसी के तेहरान संवाददाता का कहना है कि ईरानी विदेश मंत्रालय के ताज़ा बयान इस विवाद को ठंडा करने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
लेकिन ईरान ने राष्ट्रपति के बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई निंदा को ख़ारिज भी कर दिया है और संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी उस बयान पर निराशा ज़ाहिर की थी.
ईरान सरकार के शनिवार को जारी किए गए बयान में कहा गया है कि देश संयुक्त राष्ट्र के प्रति अपने संकल्पों के लिए वचनबद्ध है लेकिन सुरक्षा परिषद ने जो आलोचना की वह अस्वीकार्य है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के इसराइल विरोधी बयान की निंदा की थी.
संयुक्त राष्ट्र के वक्तव्य में कहा गया था, " सुरक्षा परिषद ईरान के राष्ट्रपति
द्वारा इसराइल के ख़िलाफ़ दिए गए बयान की निंदा करती है."
इसराइल ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक बुलाने की माँग की थी.
लेकिन ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने शुक्रवार को कहा था कि उनका बयान न्यायपूर्ण है और इसका विरोध बेमानी है.