शुक्रवार, 28 अक्तूबर, 2005 को 23:05 GMT तक के समाचार
अमरीका में ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के एक एजेंट की पहचान सार्वजनिक होने के मामले में उप राष्ट्रपति डिक चेनी के चीफ़ ऑफ़ स्टॉफ़ लुइस लिब्बी को दोषी ठहराया गया है. जिसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया है.
उप राष्ट्रपति चेनी ने कहा है कि उन्होंने इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.
अगर लिब्बी पर लगे आरोप सही पाए गए तो उन्हें 30 साल की जेल और 12.5 लाख डॉलर का जुर्माना देना पड़ेगा.
लिब्बी को न्याय प्रक्रिया में रोड़े अटकाने, झूठी गवाही देने और ग़लत बयान उपलब्ध कराने का दोषी ठहराया गया है.
इस मामले की जाँच अमरीका की विशेष जूरी ने की. सीआईए एजेंट वलेरी पाम की पहचान वर्ष 2003 में एक अमरीकी रिपोर्टर को लीक की गई थी.
वलेरी पाम के पति ने इराक़ युद्ध की आलोचना की थी.
इस जूरी ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के वरिष्ठ सलाहकार कार्ल रोव पर कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन उनके ख़िलाफ़ भी जाँच जारी है.
अभियोजक अधिकारी ने कहा कि जब तक लुइस लिब्बी का दोष साबित नहीं हो जाता उन्हें निर्दोष माना जाएगा.
बयान
किसी भी ख़ुफ़िया एजेंट की पहचान लीक करना अमरीका में ज़ुर्म है. वलेरी पाम की पहचान उस समय सार्वजनिक हुई थी जब उनके पति और पूर्व राजनयिक जोसेफ़ विल्सन ने इराक़ में सैनिक कार्रवाई के लिए बुश प्रशासन की आलोचना की थी.
विल्सन ने कहा था कि ये सब इसलिए किया गया ताकि उनकी विश्वसनीयता को कम किया जा सके. जबकि अन्य लोगों की सोच ये थी कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि विल्सन ने सरकार की आलोचना की थी.
लिब्बी और रोव दोनों ने 2003 में इस सीआईए एजेंट के बारे में पत्रकारों से बात की थी. लेकिन दोनों ने इससे इनकार किया था कि उन्होंने वलेरी पाम का नाम लिया था.
दो साल तक अमरीका की विशेष जूरी ने इस मामले की जाँच की. जाँच इस बात को लेकर हुई कि किस आधार पर पत्रकार रॉबर्ट नोवॉक अपने कॉलम में वलेरी पाम का नाम लिखा था.
ह्वाइट हाउस ने पहले तो इससे इनकार किया था कि रोव और लिब्बी इस लीक मामले में शामिल थे. लेकिन बाद में बुश प्रशासन ने भी इस मामले में रक्षात्मक रणनीति बना ली.