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शुक्रवार, 28 अक्तूबर, 2005 को 12:48 GMT तक के समाचार

इसराइल के ख़िलाफ़ ईरान में प्रदर्शन

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने अपने उस बयान की हिमायत की है जिसमें उन्होंने कहा था कि इसराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए.

उस बयान के दो दिन बाद शुक्रवार को अहमदीनेजाद ने कहा कि उनके शब्द सही और न्यायसंगत थे और उन्होंने पश्चिमी देशों की आलोचना को ख़ारिज कर दिया.

सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की इसराइली माँग

इस बीच ईरान की राजधानी तेहरान में इसराइल और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ एक रैली निकाली जिसमें हज़ारों लोगों के साथ-साथ ख़ुद अहमदीनेजाद ने भी हिस्सा लिया.

जुलूस में शामिल लोगों ने "इसराइल का नाश हो" और "अमरीका का नाश हो" के नारे लगाए और इन देशों के झंडे भी जलाए.

कुछ प्रदर्शनकारियों ने फ़लस्तीनी आत्मघाती हमलावरों की तरह कपड़े पहने थे और इस मौक़े को फ़लस्तीनियों के साथ अपना सहयोग प्रदर्शित करने के लिए भी इस्तेमाल किया गया.

फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब अराकात ने कहा है कि लोगों को दुनिया के नक्शे में फ़लस्तीनी देश शामिल करने की बात करनी चाहिए, न कि इसराइल को दुनिया के नक्शे से हटाने की बात करें.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी ईरानी राष्ट्रपति के इसराइल संबंधी बयान पर गहरी निराशा प्रकट की है.

इसराइल

उधर इसराइल सरकार ने माँग की है कि ईरान के राष्ट्रपति के बयान पर विचार करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई जानी चाहिए.

इसराइल ने कहा है कि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के बयान का जवाब एक व्यापक कूटनीतिक प्रतिक्रिया के ज़रिए दिया जाएगा.

इसराइल के रक्षा मंत्री शाऔल मोफ़ाज़ ने कहा है कि उन्हें इस बात में संदेह है कि इसराइल और मौजूदा फ़लस्तीनी नेतृत्व के बीच कोई व्यापक शांति समझौता हो सकता है.

एक इसराइली अख़बार को दिए इंटरव्यू में मोफ़ाज़ ने कहा कि अगली पीढ़ी के वयस्क होने का इंतज़ार करना ज़रूरी है.

फ़लस्तीनी प्रशासन ने ग़ज़ा पट्टी में गुरूवार रात को उस इसराइली हमले की निंदा की है जिसमें आठ लोग मारे गए थे.

फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने शुक्रवार को दक्षिणी इसराइल की तरफ़ रॉकेट दागे लेकिन किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.