बुधवार, 26 अक्तूबर, 2005 को 08:42 GMT तक के समाचार
अमरीका और फ्रांस ने सीरिया के ख़िलाफ़ संभावित प्रतिबंध लगाने वाले एक प्रस्ताव का मसौदा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बाँटा है.
ग़ौरतलब है कि लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या की जाँच करने वाली संयुक्त राष्ट्र की टीम ने लेबनान और सीरिया के वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारियों का हाथ होने का इशारा किया है.
अमरीका और फ्रांस इसी मुद्दे पर सीरिया के ख़िलाफ़ यह प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहे हैं.
प्रस्ताव के मसौदे में कहा गया है कि सीरिया रफ़ीक हरीरी की जाँच में संयुक्त राष्ट्र के साथ पूरी तरह सहयोग करे, उधर सीरिया का कहना है कि वह पहले से ही जाँच में पूरा सहयोग कर रहा है.
संयुक्त राष्ट्र जाँच टीम के प्रमुख देतलेव मेहलिस ने क़रीब चार महीने क जांच के बाद निष्कर्ष दिया है कि रफ़ीक हरीरी की हत्या का फ़ैसला सीरियाई ख़ुफ़िया अधिकारियों की मंज़ूरी के बिना नहीं हो सकता था.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बाँटे गए प्रस्ताव मसौदे में सीरिया का आहवान किया गया है कि वह संदिग्ध अभियुक्तों को गिरफ़्तार करे और जाँचकर्ताओं को उनसे पूछताछ की भी इजाज़त दे.
हालाँकि सीरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के किसी प्रस्ताव का सुरक्षा परिषद के रूस, चीन या अल्जीरिया जैसे सदस्य विरोध कर सकते हैं.
उधर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने संयुक्त राष्ट्र का आहवान किया है कि वह रफ़ीक हरीरी की मौत में कथित भूमिका के लिए सीरिया को सज़ा देने के लिए कार्रवाई करे.
ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की जाँच टीम ने रफ़ीक हरीरी की हत्या के लिए सीरिया के शीर्ष ख़ुफ़िया अधिकारी को दोषी ठहराया है.
देतलेव मेहलिस ने बताया कि कैसे सीरिया ने प्रत्यदर्शियों और संदिग्ध लोगों से सीरिया के बाहर जाकर पूछताछ करने का उनका अनुरोध नहीं माना और इस बात पर ज़ोर दिया की पूछताछ के दौरान उनके अधिकारी वहाँ मौजूद रहेंगे.
जाँच आयोग का कहना है कि सीरिया की ओर से सहयोग न मिल पाने के कारण जाँच में रुकावट आई.
मेहलिस ने कहा कि आयोग की जाँच को बढ़ाने के फ़ैसले से नए और पुराने लोगों से पूछताछ हो पाएगी.