मंगलवार, 25 अक्तूबर, 2005 को 11:15 GMT तक के समाचार
सीरिया ने लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के मामले में हाथ होने से इनकार किया है.
संयुक्त में सीरिया के राजदूत ने जाँचकर्ताओं पर पक्षपात करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कुछ देश इस हत्याकंड का इस्तेमाल सीरिया के ख़िलाफ़ नफ़रत पैदा करने के लिए कर रहे हैं.
रफ़ीक हरीरी की हत्या के मामले में संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट पर विचार करने के लिए सुरक्षा परिषद की मंगलवार को स्थिगत हो गई.
लेकिन माना जा रहा है कि जब ये बैठक दोबारा शुरू होगी तो इसमें सीरिया के ख़िलाफ़ कूटनीतिक क़दम उठाने की माँग होगी.
ग़ौरतलब है कि इस रिपोर्ट में लेबनान और सीरिया के वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारियों का हाथ होने की तरफ़ संकेत किए गए हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हत्या का मक़सद राजनीतिक था.
ग़ौरतलब है फ़रवरी 2005 में लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए एक बम धमाके में रफ़ीक हरीरी की मौत हो गई थी.
रफ़ीक हरीरी की हत्या के बाद लेबनान में राजनीतिक तूफ़ान आ गया था और सीरिया विरोधी लहर शुरू हो गई थी जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच सीरिया को लेबनान से अपने सैनिक हटाने पड़े थे.
बुश की कोशिश
जॉर्ज बुश ने एक अरबी टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सीरिया रफ़ीक हरीरी की हत्या की जाँच में सहयोग करेगा.
बुश ने कहा कि सीरिया के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई "बिल्कुल अंतिम विकल्प" है.
बीबीसी संवाददाता रोजर हार्डी का हना है कि बुश प्रशासन रफ़ीक हरीरी की हत्या की जाँच रिपोर्ट अमरीका को एक ऐसे अरब देश पर दबाव बनाने के लिए उपयुक्त मौक़ा मुहैया कराती है जिसके साथ अमरीका के तनावपूर्ण संबंध रहे हैं.
अमरीका सीरिया पर आरोप लगाता है कि वही इराक़ में अशांति के लिए ज़िम्मेदार है और ऐसे संगठनों को समर्थन दे रहा है जिसे अमरीका 'आतंकवादी' समझता है.
अमरीका कहता है कि सीरिया अपने पड़ोसी देश लेबनान के अंदरूनी मामलों में भी दख़लअंदाज़ी करता रहा है.
लेकिन अमरीका के नीति निर्माता इस मामले में चौकसी बरतने के दो कारण देखते हैं, पहली ये कि वे इस मुद्दे पर मज़बूत अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना चाहते हैं.
ऐसे में यह ख़ासा महत्वपूर्ण है कि फ्रांस सीरिया के मुद्दे पर अमरीका के साथ नज़र आ रहा है, अलबत्ता वह इराक़ मुद्दे पर अमरीका से प्रबल रूप से असहमत रहा है.