मंगलवार, 27 सितंबर, 2005 को 15:50 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इराक़ से सेना को जल्द वापस बुलाए जाने की बात से इनकार कर दिया है.
सत्तारूढ़ लेबर पार्टी की सालाना कांफ़्रेस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि समय से पहले वापसी से आम लोग सद्दाम हुसैन या धार्मिक चरमपंथियों के हवाले हो जाँएगे.
उन्होंने कहा कि इराक़ियों ने जनवरी में हुए चुनाव में दिखा दिया है कि वो क्या चाहते हैं.
टोनी ब्लेयर ने आगाह करते हुए कहा कि चरमपंथी अपनी गतिविधियों के लिए इराक़ के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे की फ़लस्तीन और इसराइल के बीच की स्थिति का किया गया था.
उनका कहना था कि आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करना होगा.
लंदन पर हुए हमले के बारे में टोनी ब्लेयर ने कहा कि जिस तरह लंदनवासियों ने इसका सामना किया है उसकी विश्व भर में प्रशंसा हुई है.
उन्होंने कहा कि सिर्फ़ लेबर पार्टी की सरकार ही जी-आठ सम्मेलन में अफ़्रीका की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ला सकती थी.
सुधारों पर ज़ोर
घरेलू मुद्दों पर बोलते हुए ब्रितानी प्रधानमंत्री का कहना था कि भविष्य में ब्रिटेन की समृद्धि को बनाए रखने के लिए काफ़ी कुछ किए जाने की ज़रूरत है.
उन्होंने मौजूदा सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों को जारी रखने पर ज़ोर दिया.
टोनी ब्लेयर का ये भाषण इन अटकलों के बीच हुआ कि वो कितने दिन अपने पद पर रहेंगे.
मई में तीसरी बार चुनाव जीतने के बाद टोनी ब्लेयर ने कहा था कि इसके बाद वो दोबारा पद नहीं संभालेंगे.
लेकिन उनके भाषण से ऐसा लगा जैसे वो अभी आने वाले कई सालों तक ख़ुद को सत्ता में देख रहे हैं.