http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 24 सितंबर, 2005 को 08:05 GMT तक के समाचार

ईरान को 'लचीले रुख़' की सलाह

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ईरान को सलाह दी है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में 'लचीला रुख़ अपनाए और टकराव टाले.'

इस मुद्दे पर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के बीच चर्चा हुई है.

ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने शुक्रवार को मनमोहन सिंह को फ़ोन किया और इस मसले पर बातचीत की.

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस मामले में ईरान को ज़रूरी 'रियायतें' देनी होंगी.

ग़ौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने एक प्रस्ताव रखा है कि ईरान के मामले को सुरक्षा परिषद को सौंप दिया जाए.

अमरीका और ज़्यादातर यूरोपीय देश ईरान के मामले को सुरक्षा परिषद के हवाले करने के पक्ष में हैं, जबकि चीन, रूस और भारत जैसे देश चाहते हैं कि मामले को आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाए.

ईरान ने धमकी दी है कि अगर विवाद को सुरक्षा परिषद में ले जाया गया तो वह यूरेनियम का संवर्धन शुरू कर सकता है.

भारत का रुख़

भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि मामले को सुरक्षा परिषद में ले जाने से टकराव बढ़ेगा.

नटवर सिंह ने कहा था कि भारत ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाए जाने के पक्ष में नहीं है.

इधर संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान के मामले पर ज़ोरदार बहस हुई है.

यूरोपीय संघ ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में एक प्रस्ताव का मसौदा पेश किया है जिसका मक़सद ईरान के परमाणु मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुपुर्द करना है.

इस मसौदे में ईरान पर कूटनीतिक प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है लेकिन आईएईए के चीन और रूस जैसे सदस्य देश इसके ख़िलाफ़ हैं.

इसमें कहा गया है कि ईरान परमाणु सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन नहीं कर रहा है.

यूरोपीय और अमरीकी देशों की आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है जबकि ईरान का कहना है कि वह परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण इस्तेमाल करना चाहता है.