मंगलवार, 20 सितंबर, 2005 को 13:58 GMT तक के समाचार
बीबीसी हिंदी सेवा की प्रमुख अचला शर्मा की दुनिया कैसे चलती है और किन लोगों का प्रभाव है उन पर जानिए उन्हीं की ज़ुबानी.
'मुझे लगता है कि जीवन के अलग अलग दौर में अलग अलग लोगों का मुझ पर प्रभाव रहा है.
मैंने शुरुआत में अल्बर्ट कामू को पढ़ा. उसके बाद ज्यां पाल सात्र जैसे दार्शनिक को भी पढ़ा. इन दोनों ने मुझे एक हद तक प्रभावित किया है.
साहित्य और ख़ासकर कहानियों में रुचि थी. एंटन चेखव और मैक्सिम जैसे महान लेखकों को भी पढ़ती रही हूं.
आगे चलकर नीत्ज़े को पढ़ा जो समझने में बहुत जटिल रहा. कह सकती हूं कि कई लेखकों, कलाकारों और अलग अलग लोगों का मुझ पर प्रभाव रहा है.
पढ़ते पढ़ते अपने जीवन को भी जाना और समझने की कोशिश की. मैं क्या करना चाहती हूं. क्या बनना चाहती हूं.
मुझे चुनौती पसंद है. मुझे लगता है कि मैं जो भी पढ़ती हूं. चित्रों के रुप में जो देखती हूं. ये सबकुछ मुझे प्रभावित करते हैं.
अगर मैं आज की तारीख़ में अपनी बात करुं तो श्रोताओं का ख़ासा प्रभाव है मुझ पर. लेकिन मेरी दुनिया सच कहूँ तो एक व्यक्ति के चारों ओर घूमती है और वो हैं मेरे पति'.