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मंगलवार, 20 सितंबर, 2005 को 09:57 GMT तक के समाचार

'नाज़ी हंटर' वियेसेंथाल का निधन

नाज़ी नरसंहार में जीवित बचे और 'नाज़ी हंटर' कहे जाने वाले साइमन वियेसेंथाल का 96 वर्ष की अवस्था में ऑस्ट्रिया के वियेना शहर में निधन हो गया है.

साइमन वियेसेंथाल को यह श्रेय जाता है कि उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद के दशकों में 1100 से ज़्यादा नाज़ी युद्धापराधियों को न्याय के कटघरे तक पहुँचाने में मदद की थी.

अमरीका में उनके नाम पर बने - साइमन वियेसेंथाल केंद्र के संस्थापक और डीन रब्बी मार्विन हीयर ने उनके निधन की घोषणा की है.

हीयर ने कहा, "साइमन वियेसेंथाल का निधन अपने घर पर नींद के दौरान हुआ. साइमन वियेसेंथाल नरसंहार में से बची अंतरआत्मा की आवाज़ थे."

हीयर का कहना था, "1945 में जब नरसंहार बंद हुआ और सब लोग अपने-अपने घर चले गए और भूल गए, तब साइमन वियेसेंथाल ने उन भयावह यादों को ताज़ा रखा. वह कभी नहीं भूले."

रब्बी मार्विन हीयर ने कहा, "साइमन वियेसेंथाल नरसंहार में जीवित बचे लोगों के स्थायी प्रतिनिधि बन गए थे और वह इतिहास के गंभीरतम अपराध के ज़िम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए संकल्पबद्ध थे."

"उन्होंने यह ज़िम्मेदारी संभाली, कोई और इस ज़िम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार नहीं था."

हीयर ने कहा कि वो ज़िम्मेदारी बहुत भारी थी और उसमें साइमन वियेसेंथाल को कम ही दोस्त मिले, "मित्र देश शीत युद्ध पर ध्यान दे रहे थे, नरसंहार से बचे लोग अपनी बिखरी हुई ज़िंदगी को संभालने में लगे थे और साइमन वियेसेंथाल ऐसे में अकेले थे."

"साइमन वियेसेंथाल ने अभियोजक और गुप्तचर दोनों की भूमिका निभाई."

साइमन वियेसेंथाल मौथासेन प्रताड़ना शिविर में बंदी थे जब मई 1945 में अमरीकी सैनिकों ने उस शिविर के बंदियों को रिहा कराया.