इराक़ की सरकार ने बसरा में दो ब्रितानी सैनिकों को हिरासत में लिए जाने और फिर बलपूर्वक उन्हें छुड़ाए जाने के मामले में जाँच के आदेश दिए हैं.
एक वरिष्ठ ब्रितानी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि दोनो सैनिकों को इराक़ी हिरासत से सोमवार को इसलिए छुड़ाया गया क्योंकि उनके पास यह मानने के पर्याप्त कारण थे कि उन सैनिकों की जान ख़तरे में हो सकती है.
इन दो सैनिकों को छुड़ाने के लिए ब्रितानी फ़ौज को एक इराक़ी थाने की दीवार गिरा देनी पड़ी.
ब्रितानी कमांडर ब्रिगेडियर जॉन लॉरीमेर ने कहा कि इराक़ी पुलिस ने उन ब्रितानी सैनिकों को स्थानीय मिलिशिया के हाथ सौंप दिया था जबकि उन्हें गिरफ़्तार करने के बाद ब्रितानी सैन्य अधिकारियों के पास भेजा जाना चाहिए था.
बताया जा रहा है कि ये ब्रितानी सैनिक बसरा में अरबों के भेस में सादा कपड़े में काम कर रहे थे जब उन्हें गिरफ़्तार किया गया.
इसके बाद क्रुध स्थानीय लोगों की भीड़ और ब्रितानी सैनिकों के बीच झड़पें हुईं.
उधर इराक़ी सरकार के प्रवक्ता हैदर अल-एबदी ने कहा कि ब्रितानी सेना ने बिना सलाह किए कार्रवाई की.
'लक्ष्य तनाव कम करना'
स्थानीय अस्पताल के अनुसार हिंसा में दो लोग मारे गए और बीबीसी संवाददाता के अनुसार इस घटना से ब्रितानी सेना और बसरा के लोगों के रिश्तों को गंभीर नुकसान हो सकता है.
सैनिकों को छुड़ाए जाने के बारे भी विरोधाभासी रिपोर्टें मिली हैं.
लंदन में ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार इराक़ी अधिकारियों से बातचीत के बाद सैनिकों को रिहा किया गया.
दूसरी ओर इराक़ से मिल रही ख़बरों के अनुसार बसरा की एक जेल से सैनिकों को छुड़ाने के लिए ब्रितानी सेना ने टैंकों और बख़्तरबंद गाड़ियों का इस्तेमाल किया.
इस कार्रवाई के दौरान ही भीड़ ने दो ब्रितानी टैंकों को आग लगा दी.
मूसल
उधर इराक़ में ही अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि उत्तरी शहर मूसल में एक कार बम हमले में उनके चार सुरक्षा एजेंट मारे गए हैं.
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंट एक अमरीकी दूतावास काफ़िले के साथ सफ़र कर रहे थे.
अधिकारियों के अनुसार सोमवार को एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी कार काफ़िले के वाहन से टकरा दी.
मारे गए सुरक्षा एजेंटों में से एक अमरीका का राजनयिक सुरक्षा एजेंट था जबकि तीन अन्य ठेके पर लिए गए सुरक्षा एजेंट थे.