मंगलवार, 20 सितंबर, 2005 को 10:36 GMT तक के समाचार
इराक़ के दक्षिणी हिस्से में एक वरिष्ठ ब्रितानी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि उनके सैनिकों ने दो ब्रितानी सैनिकों को इराक़ी हिरासत से सोमवार को छुड़ा लिया क्योंकि उनके पास यह मानने के पर्याप्त कारण थे कि उन सैनिकों की जान ख़तरे में हो सकती है.
ब्रितानी कमांडर ब्रिगेडियर जॉन लॉरीमेर ने कहा कि इराक़ी पुलिस ने उन ब्रितानी सैनिकों को स्थानीय मिलिशिया के सदस्यों को सौंप दिया था जबकि उन सैनिकों गिरफ़्तार किए जाने के तुरंत बाद ब्रितानी सैन्य अधिकारियों के पास भेजा जाना चाहिए था.
कहा जा रहा है कि दो ब्रितानी सैनिकों को बसरा शहर में उस वक़्त गिरफ़्तार किया गया था जब वे अरब लोगों के भेस में चोरी-छुपे सक्रिय थे.
इराक़ी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि ब्रितानी सैनिकों ने अपने दो साथियों को छुड़ाने के लिए थाने पर हमला किया.
इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोवफ़्फ़क एल रूबाई ने कहा कि अब मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करना है और यह पता लगाना है कि ग़लती कहाँ हुई.
उन्हें छुड़ाए जाने के बारे विरोधाभासी रिपोर्टें मिल रही थीं.
लंदन में ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार इराक़ी अधिकारियों से बातचीत के बाद सैनिकों को रिहा किया गया.
दूसरी ओर इराक़ से मिल रही ख़बरों के अनुसार बसरा की एक जेल से सैनिकों को छुड़ाने के लिए ब्रितानी सेना ने टैंकों और बख़्तरबंद गाड़ियों का इस्तेमाल किया.
इस कार्रवाई के दौरान ही भीड़ ने दो ब्रितानी टैंकों को आग लगा दी.
हालाँकि ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार किसी ब्रितानी सैनिक को गंभीर चोट नहीं आई है.
इस बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने कहा है कि इराक़ में ब्रितानी सेनाएँ तब तक रहेंगी जब तक ज़रूरत होगी.
ग़ौरतलब है कि बसरा सहित दक्षिणी इराक़ में ज़्यादातर ब्रितानी सैनिक ही तैनात हैं और उस क्षेत्र को अभी तक आमतौर पर शांति वाला इलाक़ा माना जाता था.
निंदा
बसरा के गवर्नर मोहम्मद अल वइली ने ब्रितानी सेना की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है.
माना जाता है कि गिरफ़्तार सैनिक गुप्त रूप से काम करने के दौरान पकड़े गए थे.
इराक़ी पुलिस का कहना है कि दोनों ब्रितानी सैनिकों को जब गिरफ़्तार किया गया वे अरब वेशभूषा में थे और उनके पास हथियार एवं विस्फोटक भी मिले.
बसरा में शिया मेहदी सेना के एक वरिष्ठ सदस्य की ब्रितानी सैनिकों के हाथों गिरफ़्तारी के बाद पहले से ही तनाव का माहौल था.
मूसल
उधर इराक़ में अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि उत्तरी शहर मूसल में एक कार बम हमले में उनके चार सुरक्षा एजेंट मारे गए हैं.
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंट एक अमरीकी दूतावास काफ़िले के साथ सफ़र कर रहे थे.
अधिकारियों के अनुसार सोमवार को एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी कार काफ़िले के वाहन से टकरा दी.
मारे गए सुरक्षा एजेंटों में से एक अमरीका का राजनयिक सुरक्षा एजेंट था जबकि तीन अन्य ठेके पर लिए गए सुरक्षा एजेंट थे.