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गुरुवार, 15 सितंबर, 2005 को 16:16 GMT तक के समाचार

बाड़ का रास्ता बदलने का आदेश

इसराइल के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में जो विवादास्पद सीमा बाड़ बना रही है उसके कुछ हिस्से का मार्ग बदलने पर विचार करना चाहिए.

फ़लस्तीनी बस्ती क़लीलिया के लोगों ने शिकायतें की थीं कि इसराइली बाड़ की वजह से वे पश्चिमी तट की मुख्य भूमि से अलग हो जाएंगे.

इन शिकायतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इसराइल सरकार इस बाड़ के रास्ते के अन्य विकल्पों पर विचार करे.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने विश्व न्यायालय के उस आदेश को ख़ारिज भी कर दिया कि इसराइल जो बाड़ बना रहा है वह ग़ैरक़ानूनी है और उसे तोड़ दिया जाना चाहिए.

इसराइली सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विश्व न्यायालय का आदेश त्रुटिपूर्ण था क्योंकि उसमें इसराइल की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में नहीं रखा गया.

इसराइल का कहना है कि वह क़रीब 600 किलोमीटर लंबी बाड़ इसलिए बना रहा है क्योंकि देश के लोगों को आत्मघाती हमलों से बचाने के लिए इस बाड़ की ज़रूरत है. लेकिन फ़लस्तीनी इस बाड़ को उनकी ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने की एक चाल बताते हैं.

इसराइल सरकार पहले ही कह चुकी है कि वह अंतरराष्ट्रीय फ़ैसलों के उन हिस्सों को नहीं मानेगी जो बाध्य नहीं हैं और उसने अपने क़ब्ज़े वाली फ़लस्तीनी ज़मीन पर बाड़ लगाना जारी रखा है.

इसराइली सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों के पैनल ने यह फ़ैसला सर्वसम्मति से देते हुए कहा कि अलफ़ेई मिनाशी बस्ती के निकट बनाई जाने वाली बाड़ का रास्ता बदला जाए जो पश्चिमी तट के छह किलोमीटर भीतर का इलाक़ा है.

न्यायालय ने कहा, "सरकार को बाड़ के वैकल्पिक मार्गों पर विचार करे, साथ ही उस बस्ती में रहने वाले लोगों को कम से कम नुक़सान पहुँचाने वाले विकल्पों पर ग़ौर करे."

अलफ़ेई मिनाशी बस्ती के लोगों ने अपनी याचिका में कहा था कि वहाँ लगभग हर व्यक्ति को अपने कामकाज से हाथ धोना पड़ा है.

याचिका में कहा गया, "जीवित रहने का संघर्ष उन्हें मजबूर करता है कि वे या तो ग़ैरक़ानूनी तौर पर इसराइल में जाएँ या फिर बस्ती में ही एक नौकर की तरह उस वेतन पर काम करें जो पेट भरने के लिए भी पर्याप्त नहीं होता."

यह दूसरा मौक़ा है जब इसराइली सुप्रीम कोर्ट ने बाड़ का मार्ग बदलने का आदेश दिया है.

संवाददाताओं का कहना है कि ग़ज़ा पट्टी से इसराइली बस्तियाँ हटाए जाने के बाद इस बाड़ का निर्माण इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच तनाव का मुद्दा बना हुआ है. क़रीब आधी बाड़ बन चुकी है.