बुधवार, 14 सितंबर, 2005 को 07:03 GMT तक के समाचार
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरीकी राष्ट्रपति बुश से मुलाक़ात में कहा है कि पाकिस्तान अभी भी 'आतंक के प्रवाह' को नियंत्रित करता है.
उनके कहने का आशय था कि जम्मू कश्मीर में घुसपैठ और चरमपंथी हिंसा पर अगर पाकिस्तान चाहे तो पूरी तरह से रोक लगा सकता है.
भारत के प्रधानमंत्री ने यह बात ऐसे समय में कही है जबकि बुधवार की शाम पाकिस्तान के राष्ट्रपति के सम्मान में एक रात्रिभोज का आयोजन किया गया है.
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पहुँचे भारतीय प्रधानमंत्री ने अमरीकी राष्ट्रपति से कहा कि "शांति प्रक्रिया में कोई वास्तविक प्रगति तभी हो सकती है जब यह (चरमपंथी हिंसा) रुक जाए."
भारतीय प्रधानमंत्री ने अमरीकी राष्ट्रपति के साथ चली आधे घंटे की मुलाक़ात में भारत-पाकिस्तान संबंधों के अलावा अनेक अहम मुद्दों पर बातचीत की जिनमें परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अमरीका के साथ सहयोग की बात भी शामिल हैं.
भारत के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति के बीच रात्रिभोज के दौरान द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होगी, इससे पहले भी दोनों नेता इसी वर्ष अप्रैल महीने में दिल्ली में मुलाक़ात कर चुके हैं.
न्यूयॉर्क में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाक़ात होगी, इससे पहले वर्ष 2004 में संयुक्त राष्ट्र के अधिवेशन के दौरान दोनों नेताओं की पहली बार मुलाक़ात हुई थी.
दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास क़ायम करने के लिए चल रही व्यापक बातचीत में हुई प्रगति की भी इस बैठक में समीक्षा की जाएगी.
बुश-मुशर्रफ़ बैठक
पाकिस्तान और अमरीका के राष्ट्रपतियों के बीच भी न्यूयॉर्क में बातचीत हुई है जिसमें द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा हुई है.
अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत जहाँगीर करामत ने बताया कि यह मुलाक़ात आधे घंटे तक चली और इसमें सिर्फ़ दोनों राष्ट्रपति मौजूद थे, दोनों ओर के अधिकारी इसमें शामिल नहीं हुए.
जहाँगीर करामत ने बताया पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने बुश से कहा है कि "भारत के साथ चल रही शांति प्रक्रिया में अब कोई ठोस प्रगति होनी चाहिए."
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीका की लड़ाई की ताज़ा स्थिति पर बातचीत की, अफ़ग़ानिस्तान में होने वाले चुनाव और वहाँ सुरक्षा के हालात का भी जायज़ा लिया गया.