http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 09 सितंबर, 2005 को 11:25 GMT तक के समाचार

न्यू ऑर्लियंस में बल प्रयोग

समुद्री तूफ़ान कैटरीना से प्रभावित न्यू ऑर्लियंस शहर में जिन लोगों अपने घरों से निकलने से इनकार कर दिया है उन्हें पुलिस ने ज़बरदस्ती निकालना शुरू कर दिया है और इसमें सेना मदद कर रही है.

लगभग दस हज़ार लोगों ने तूफ़ान से बुरी तरह प्रभावित अपने घरों से निकलने से इनकार कर दिया है. हालाँकि मेयर ने सभी घरों को ख़ाली करने के आदेश जारी किए थे.

अधिकारियों का कहना है कि काफ़ी लोगों ने तो अब अपनी इच्छा से बाहर निकलना शुरू कर दिया था लेकिन कुछ अब भी अड़े हुए हैं और पुलिस उन्हें हथकड़ियाँ पहनाकर राहत केंद्रों पर ले जा रही है.

इस बीच एक जनमत संग्रह में कहा गया है कि दो तिहाई अमरीकी सोचते हैं कि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश हरीकेन कैटरीना से निपटने के लिए और ज़्यादा बेहतर उपाय कर सकते थे.

प्यू रिसर्च सेंटर ने यह जनमत संग्रह कराया है जिसमें जिन अफ्रीकी-अमरीकी लोगों से राय माँगी गई उनमें से दो-तिहाई ने कहा कि अगर प्रभावित इलाक़ों में गोरे लोग रह रहे होते तो सरकार की प्रतिक्रिया ज़्यादा तेज़ होती.

अमरीकी राजनीतिक हस्तियों ने भी इस प्राकृतिक आपदा के लिए धीमी प्रतिक्रिया की आलोचना की है.

पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि और आपदा का मुक़ाबला करने के लिए और ज़्यादा तैयारियाँ क्यों नहीं की गईं.

पॉवेल ने कहा कि बहुत से अफ्रीकी-अमरीकी लोग बेसहारा इसलिए रह गए क्योंकि वह ग़रीब हैं, और न कि इसलिए कि वह काले हैं.

अमरीका के एक कनिष्ठ विदेश मंत्री कैरेन ह्यूगे ने कहा है कि इस तरह के जो आरोप लगाए जा रहे हैं कि राष्ट्रपति तूफ़ान प्रभावितों की मदद के लिए उतना नहीं कर रहे हैं जितना वह कर सकते थे, यह सुनकर उन्हें बहुत मायूसी हो रही है.

कम से कम बल

न्यू ऑर्लियंस शहर के पुलिस प्रमुख ऐडी कॉम्पास ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि लोगों को ज़बरदस्ती हटाने की प्रक्रिया में 'संवेनशीलता' तरीक़े अपनाए जाएंगे.

पुलिस प्रमुख ने कहा, "हम सख़्ती का बर्ताव नहीं करेंगे, हम कम से कम संभव बल प्रयोग करेंगे."

लोगों को ज़बरदस्ती घरों से निकालने के आदेश स्वास्थ्य कारणों से दिए गए हैं क्योंकि तूफ़ान के बाद भरे हुए पानी से गंदगी हो गई है और महामारियों का ख़तरा पैदा हो गया है.

बहुत से लोगों के ज़ख़्मों में संक्रमण फैल गया है और इस वजह से कुछ लोगों की मौत भी हो गई है.

अन्य गतिविधियाँ-

जैसे-जैसे पानी घट रहा है वहाँ शव नज़र आ रहे हैं, गलियाँ और नाले सामान और कूड़ा-करकट से अटे पड़े हैं. बहुत से वाहन भी पानी में से नज़र आ रहे है जिन पर अब ज़ंग लगना शुरू हो गया है.