बुधवार, 07 सितंबर, 2005 को 15:46 GMT तक के समाचार
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तलाबानी ने दावा किया है कि पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने उन अपराधों को स्वीकार कर लिया है जो कथित रूप से उनके शासनकाल के दौरान हुए.
राष्ट्रपति तलाबानी ने इराक़ी टेलीविज़न पर बताया कि सद्दाम हुसैन ने जाँच कर रहे जज के सामने अपना अपराध स्वीकार किया है और इन अपराधों में हज़ारों कुर्दों की हत्या का मामला भी शामिल हैं.
हालाँकि सद्दाम हुसैन के वकीलों ने इस दावे पर अविश्वास ज़ाहिर किया है.
राष्ट्रपति तलाबानी ख़ुद कुर्द हैं. उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन को 20 बार फाँसी पर लटकाया जाना चाहिए.
सद्दाम हुसैन पर अगले महीने दुजैल शहर में हुए एक अन्य नरसंहार के मामले में मुक़दमा शुरू हो रहा है. इसके बाद भी कई अन्य मामलों में सद्दाम हुसैन पर मुक़दमा चलाया जाना है.
लेकिन सद्दाम हुसैन के वकील अगले महीने शुरू हो रहे मुक़दमे के लिए तैयार नहीं हैं उनका कहना है कि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया है.
मंगलवार रात को इराक़ी टेलीविज़न पर दिए लंबे इंटरव्यू में इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तलाबानी ने सद्दाम हुसैन के अपराध क़बूल करने का दावा किया.
नरसंहार
सद्दाम हुसैन पर चल रहे मुक़दमे के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति तलाबानी ने कहा कि सद्दाम हुसैन ने पहले ही कई मामलों में अपने कथित अपराधों को स्वीकार कर लिया है.
उनका कहना था कि इन अपराधों में अनफ़ाल में हुए कुर्दों का नरसंहार भी शामिल है.
तलाबानी ने कहा, "सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा दिए जाने के लिए एक सौ कारण मौजूद हैं."
बग़दाद से बीबीसी संवाददाता जॉन ब्रेन का कहना है कि राष्ट्रपति तलाबानी के बयान से इराक़ के सुन्नी समुदाय में अविश्वास की भावना और बढ़ सकती है.
इराक़ी सरकार ने पिछले सप्ताह ही इस बात की पुष्टि की थी कि सद्दाम हुसैन पर 19 अक्तूबर से मुक़दमा शुरू होगा.
सद्दाम हुसैन के साथ-साथ उनके कई क़रीबी सहयोगियों पर भी मुक़दमा शुरू होने वाला है. इनमें बग़दाद के उत्तर में स्थित एक शहर में 143 शिया मुसलमानों की हत्या का मामला भी शामिल है.