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सोमवार, 05 सितंबर, 2005 को 14:33 GMT तक के समाचार

जीवित लोगों की तलाश का काम तेज़

अमरीका के कैटरीना तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों में बचावकर्मी घर-घर जाकर जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं.

तूफ़ान में मारे गए लोगों के शवों को निकालने का काम भी जारी है और अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या हज़ारों में जा सकती है.

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश तीन दिन में दूसरी बार तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों का दौरा कर रहे हैं.

उधर उनके पिता और पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सीनियर और एक अन्य पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन सोमवार को टेक्सस के ह्यूस्टन शहर में तूफ़ान प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपील करने पहुँचे. तूफ़ान प्रभावित इलाक़े से बाहर निकाले गए सर्वाधिक लोग ह्यूस्टन में ही रखे गए हैं.

सबसे बुरी तरह प्रभावित न्यू आर्लियंस शहर के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति क़ायम कर दी गई है लेकिन संचार के साधन अभी भी बहुत बुरी स्थिति में हैं.

बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार न्यू ऑर्लियंस शहर से वैसे अधिकतर लोगों को निकाला जा चुका है जो शहर छोड़ना चाहते थे.

अधिकारियों ने कहा है कि शहर में क़ानून व्यवस्था क़ायम करने के लिए सख़्त क़दम उठाए जा रहे हैं.

रविवार को व्यवस्था क़ायम करने में जुटे ठेकेदारों पर हमले के बाद पुलिस ने आठ लोगों को गोली मार दी थी जिनमें से ख़बर है कि पाँच लोगों की मौत हो गई.

बुश प्रशासन सवालों के घेरे में

वाशिंग्टन से बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब के अनुसार बुश प्रशासन तूफ़ान प्रभावित इलाक़े में ज़्यादा प्रभावी उपाय करने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ अमरीकियों को यह भरोसा दिलाने की भी कोशिश कर रहा है कि जो कुछ भी ग़लत हुआ उसके लिए व्हाइट हाउस को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.

उल्लेखनीय है कि सप्ताहांत के दौरान राष्ट्रपति बुश ने आपदा से निपटने में नाकामियों के लिए स्थानीय अधिकारियों को दोष दिया था. इसकी प्रतिक्रिया में तूफ़ान प्रभावित लुइज़ियाना की सीनेटर मैरी लैंड्रिउ ने यह तक कह दिया कि बुश ने दोबारा ऐसी बात की तो उन्हें घूँसे पड़ेंगे.

एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ अमरीका के आधे लोग मानते हैं कि राष्ट्रपति स्थिति से ठीक से निपट रहे हैं जबकि आधे लोग ऐसा नहीं मानते.

अमरीका ने नाटो और यूरोपीय संघ को उन चीज़ों की सूची दी है जिनकी राहत कार्यों के लिए ज़रूरत है. यूरोपीय संघ के पर्यावरण आयुक्त ने कहा है कि संघ हर मुमकिन मदद करने के लिए तैयार है.

लुइज़ियाना, अलबामा और मिसीसिपी में दस लाख से ज़्यादा लोग अपना घर छोड़कर जाने को मजबूर हैं.