बुधवार, 24 अगस्त, 2005 को 07:10 GMT तक के समाचार
अमरीका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर की गई एक स्वतंत्र जाँच की कड़ी आलोचना की है.
अमरीकी सरकारी विशेषज्ञों और अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों की इस जाँच में ईरान के गुप्त रूप से परमाणु हथियार बनाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.
जाँच में ये भी पाया गया कि देश में पाए गए यूरेनियम के अवशेष असल में पाकिस्तानी परमाणु उपकरणों के साथ आए थे और ये परमाणु हथियार बनाने के सबूत नहीं थे.
लेकिन अमरीका का कहना है कि इस जाँच से ईरान के कथित तौर पर गुप्त परमाणु हथियार बनाने से संबंधित चिंताओं और सवालों का जवाब नहीं मिल पाया है.
ईरान ने अमरीका की टिप्पणी पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
लेकिन ईरान के अख़बारों में वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार की ख़बर को प्रमुखता से छापा गया है जिसमें ताज़ा जाँच के बाद मिली जानकारी है.
'चिंता घटी नहीं'
महत्वपूर्ण है कि हाल में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा था कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम के दोबारा शुरू होने के बाद उसके ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता.
राष्ट्रपति बुश ने स्पष्ट कर दिया था कि सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है जिनमें सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी शामिल है.
ताज़ा जाँच के बाद अमरीका का कहना है कि इससे विश्व की चिंता घटी नहीं है.
अमरीका का अब कहना है कि कई अन्य तरीक़े भी हैं जिनके ज़रिए हो सकता है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा हो.
ईरान बार-बार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण मकसदों के लिए ही है.
लेकिन हाल में ईरान ने ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी के साथ समझौते के बावजूद यूरेनियम पर काम शुरु कर दिया है.
फ़िलहाल तीनों देशों ने इस मामले में ईरान के साथ आगे बातचीत रोक दी है.