गुरुवार, 25 अगस्त, 2005 को 12:36 GMT तक के समाचार
ग़ज़ा में यहूदी बस्तियाँ ख़ाली करवा ली गई हैं और लोग इलाक़ा छोड़कर जा चुके हैं लेकिन माना जा रहा है कि कई लोग अपने पालतू जानवर पीछे छोड़ गए हैं.
इसराइल में जानवरों के लिए काम करने वाले एक संस्था के कार्यकर्ता अब ग़ज़ा के ख़ाली इलाक़ों में जाकर इन जानवरों को ढूँढने की कोशिश कर रहे हैं.
बस्तियाँ ख़ाली करते वक्त कई लोग अपने कुत्तों, बिल्लियों, मुर्गियों, कछुओं और बकरियों को यहीं छोड़ गए हैं.
एक अनुमान के मुताबिक़ क़रीब 200 पालतू जानवर ग़ज़ा में पीछे छूट गए हैं और इसके पहले की ग़ज़ा में बुलडोज़र मकानों को तोड़ने का काम शुरू कर दें, कार्यकर्ता इन्हें ढूँढने की कोशिश में जुटे हैं.
चैरिटी संस्था हाकोल चाय ने अपने कार्यकर्ताओं और कुछ डॉक्टरों को ग़ज़ा भेजा है.
इसराइल में जानवरों की भलाई के लिए काम करने वाली ये संस्था अब तक क़रीब 100 जानवरों को बचा चुकी है.
संस्था से जुड़ी ताली लावाई ने एएफपी को बताया कि समय बहुत कम है और एक बार बुलडोज़रों ने मकान तोड़ दिए तो किसी को भी ढूँढना मुश्किल हो जाएगा.
उन्होंने बताया, "हमें बिल्ली का एक बच्चा मिला जो सिर्फ तीन हफ़्ते का था. लगता है इसे काफ़ी तकलीफ़ उठानी पड़ी है."
वर्ष 2004 में इसराइली सेना द्वारा मारे गए छापे में दक्षिणी ग़ज़ा के चिड़ियाघर में कई शुतुरमुर्ग़, कंगारू,मगरमच्छ और पक्षी मारे गए थे.