बुधवार, 24 अगस्त, 2005 को 19:05 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि जब तक वे अमरीका के राष्ट्रपति हैं, उनका देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध जारी रखेगा और जीत हासिल करेगा.
उन्होंने आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में समर्थन की अपील करते हुए कहा कि अमरीका आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपना अभियान जारी रखेगा.
इडाहो प्रांत में सैनिकों के परिवार वालों और अन्य लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अमरीका उस समय तक आतंकवादियों की तलाश करेगा जब तक उनके लिए छिपने की कोई जगह नहीं बच पाएगी.
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि आतंकवादियों को 'नाकाम देशों' में पनाह लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी जैसे पहले अफ़ग़ानिस्तान में हुआ था.
उन्होंने कहा कि अमरीका इसका इंतज़ार नहीं करेगा कि उसके ऊपर 11 सितंबर जैसे हमले फिर हो.
राष्ट्रपति बुश ने कहा, "अमरीका इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में अपना काम पूरा करेगा. वहाँ से सैनिकों को हटाए जाने से आतंकवादी और मज़बूत ही होंगे."
दबाव
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि आतंकवाद इराक़ में इकट्ठा हो गए थे, लेकिन अमरीका उन्हें किसी भी 'नाकाम देश' में पनाह लेने की अनुमति देगा जहाँ से वे लोकतांत्रिक देशों पर हमले की साज़िश रचे.
बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता रॉब वॉटसन का कहना है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध को लेकर राष्ट्रपति बुश पर राजनीतिक और जनमत का दबाव पड़ रहा है.
शायद इसलिए एक सप्ताह के अंदर ये दूसरा मौक़ा है जब राष्ट्रपति बुश ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध पर कुछ बयान दिया हो.
जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ 50 फ़ीसदी से ज़्यादा अमरीकी ये मानते हैं कि इराक़ में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा. सर्वेक्षणों के अनुसार ज़्यादातर अमरीकी ये भी मानते हैं कि कुछ या सभी अमरीकी सैनिकों को इराक़ से वापस बुला लिया जाना चाहिए.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी में भी इस मुद्दे पर विभाजन के संकेत हैं. एक वरिष्ठ सीनेटर ने तो इराक़ युद्ध की तुलना वियतनाम से कर दी.