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शुक्रवार, 19 अगस्त, 2005 को 16:58 GMT तक के समाचार

पश्चिमी तट भी ख़ाली होगा- अब्बास

गज़ा से यहूदी बस्तियाँ हटाए जाने के अभियान के आख़िरी दौर में पहुँचते ही फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा है कि बस्तियाँ खाली करवाने की ये प्रक्रिया पश्चिमी तट में भी दोहराई जाएगी.

रफ़ा में फ़लस्तीनी झंडे उठाए फ़लस्तीनियों को संबोधित करते हुए अब्बास का कहना था कि इसराइलियों की वापसी से फ़लस्तीनियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है.

तस्वीरों में: गज़ा से यहूदियों की वापसी

उधर इसराइली सैनिक और पुलिस ग़ज़ा पट्टी में बाक़ी बची यहूदी बस्तियाँ हटाने के अभियान के तहत गैडिड नामक बस्ती में घुस गए हैं जहाँ उन्हें कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है.

वहाँ पर अब भी कुछ लोग बस्तियाँ ख़ाली करने के लिए तैयार नहीं हैं और इसराइली सुरक्षा बलों से भिड़े लेकिन कई लोगों को घसीटकर वहाँ यहूदी उपासनागृह से बाहर निकाला गया.

हवाई संपर्क

उधर फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा कि यहूदियों की वापसी की प्रक्रिया पश्चिमी तट में और यदि 'अल्लाह ने चाहा तो येरूशलम में भी' दोहराई जाएगी.

उन्होंने फ़लस्तीनियों को आहवान किया कि वे महेनत से अपने देश और उसके मूलभूत ढ़ाँचे का पुनर्निर्माण करें.

रफ़ा के हवाई अड्डे पर फ़लस्तीनियों से उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे को दोबारा बनाया जाएगा ताकि फ़लस्तीनियों का बाहरी दुनिया के साथ हवाई संपर्क कायम हो सके.

एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसराइल गज़ा में हवाई और समुद्री रास्तों पर अपना नियंत्रण रखना चाहता है.

इसराइल को डर है कि यदि ऐसा न हुआ तो फ़लस्तीनी चरमपंथी इन रास्तों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हथियार लाने के लिए कर सकते हैं.

सैनिकों को 'नाज़ी' कहा

उधर इसराइली सैनिकों के गैडिड बस्ती पहुँचने पर कुछ निवासी तो अपने घरों की छतों पर चढ़ गए और उन्होंने इसराइली सैनिकों को "नाज़ी" तक कहा.

गैडिड ग़ज़ा पट्टी की उन पाँच यहूदी बस्तियों में से एक है जहाँ के लोग अंत तक बस्तियाँ ख़ाली करने के सरकारी नोटिस का विरोध कर रहे हैं.

इसराइली सैनिकों ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि वे अगले सप्ताह तक ग़ज़ा से तमाम यहूदी बस्तियाँ हटाने का काम पूरा कर लेंगे.

इससे पहले गुरूवार को भी ग़ज़ा पट्टी में यहूदियों की दो बस्तियों को ख़ाली कराने का प्रबल विरोध हुआ था.

क्फार दारूम बस्ती में तो हिंसक विरोध के बाद सौ से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

सैनिकों ने नेवे देकालिम नामक बस्ती के एक उपासनागृह पर छापा मारकर सैकड़ों लोगों को बलपूर्वक बाहर निकाला था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इनमें से अधिकतर युवक थे जो वहाँ प्रार्थना कर रहे थे. इन युवकों ने सैनिकों पर बोतलें फेंकी लेकिन कोई ख़ास हिंसा नहीं हुई.

कफ़ार दारोम नामक बस्ती को सैनिकों ने जबरन खाली कराया जिसमें 2000 से ज़्यादा कट्टरपंथी यहूदी मौजूद थे.