शनिवार, 13 अगस्त, 2005 को 22:15 GMT तक के समाचार
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तलाबानी ने उम्मीद जताई है कि देश के नए संविधान का मसौदा रविवार को तैयार हो जाएगा. संविधान के मसौदे को संसद की मंज़ूरी के लिए सोमवार तक की समयसीमा निर्धारित की गई है.
राष्ट्रपति तलाबानी ने कहा कि इराक़ी नेताओं ने कई मुद्दों पर अपने मतभेद सुलझा लिए हैं लेकिन संघीय शासन व्यवस्था और क़ानून बनाने में इस्लाम की भूमिका पर बातचीत जारी रहेगी.
बग़दाद स्थित एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि केंद्र सरकार और प्रांतों के बीच तेल से मिलने वाले राजस्व के बँटवारे पर अंतरिम समझौता हो गया है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ मुद्दों को दरकिनार किए बिना कैसे पूर्ण रूप से सहमति बन पाती है- यह बड़ा मुश्किल होगा.
महत्वपूर्ण दिन
अभी भी संविधान पर सहमति के लिए बातचीत जारी है और कई मुद्दों पर प्रगति हुई है. जानकारों का कहना है कि इराक़ी संविधान को लेकर रविवार का दिन काफ़ी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
नए संविधान का मसौदा तैयार करने में जुटे कई गुटों की इस मुद्दे पर अलग-अलग राय है कि इराक़ कैसा देश होगा और इसमें धर्म की क्या भूमिका होगी.
शिया मुसलमान चाहते हैं कि देश में इस्लामी क़ानून लागू हो लेकिन वे इराक़ को इस्लामी गणराज्य बनाने की अपनी महत्वपूर्ण मांग छोड़ने को राज़ी हो गए हैं.
बदले में कुर्द भी इस बात पर राज़ी हो गए हैं कि वे इराक़ को एक संघीय गणराज्य बनाने पर ज़ोर नहीं देंगे. लेकिन संघीय शासन व्यवस्था अभी भी बातचीत में विवाद का केंद्र बनी हुई है.
इराक़ के सुन्नी मुसलमान इसका विरोध कर रहे हैं. उनका तर्क है कि अगर ऐसा हुआ तो देश का विभाजन हो सकता है.