शनिवार, 13 अगस्त, 2005 को 00:23 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने एक बार फिर कहा है कि ईरान के अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने के बाद उसके ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता.
अमरीकी राष्ट्रपति ने इसराइली टेलीविज़न से बात करते हुए कहा कि वे यह प्रयास कर रहे हैं कि इस मामले का कोई कूटनीतिक हल निकले लेकिन उन्हें संदेह है कि इसमें कामयाबी मिल सकेगी.
बुश ने कहा कि अभी सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है जिनमें सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी शामिल है.
वाशिंगटन स्थित एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति बुश निश्चित रूप से ईरान पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं लेकिन सच्चाई ये है कि अमरीका पहले ही इराक़ में समस्या से निपटने में उलझा हुआ है.
ईरान की चेतावनी
इससे पहले तेहरान में ईरान के एक पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफ़संजानी ने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें परमाणु मुद्दे पर ईरान का विरोध करना महँगा पड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि उनके देश की तुलना इराक़ या लीबिया से नहीं की जा सकती.
उल्लेखनीय है कि ईरान ने पश्चिमी देशों और संयुक्त राष्ट्र की अवहेलना कर इसी सप्ताह इस्फ़हान स्थित अपने परमाणु केंद्र पर दोबारा यूरेनियम संवर्द्धन शुरू कर दिया है.
फ़िलहाल इस मामले को लेकर ईरान और पश्चिमी देशों व संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है.