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रविवार, 31 जुलाई, 2005 को 12:58 GMT तक के समाचार

ब्रिटेन ने दी ईरान को चेतावनी

ब्रिटेन ने परणामु कार्यक्रम दोबारा शुरू करने की ईरान की घोषणा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ब्रिटेन ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि परमाणु कार्यक्रम पर कोई भी एकतरफ़ा क़दम इस मामले पर चल रही बातचीत को और जटिल बनाएगा.

ईरान ने यूरोपीय देशों से कहा है कि अगर वे आर्थिक छूट देने वाला प्रस्ताव रविवार तक पेश नहीं करते तो ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू कर देगा.

ईरान ने रविवार तक की समयसीमा देते हुए कहा था कि अगर उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह इसफ़हान स्थित अपने परमाणु केंद्र पर सीमित कार्यक्रम शुरू कर देगा.

ईरान के इस परमाणु केंद्र पर नवंबर से कामकाज बंद है.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने ईरान को पत्र लिखकर कहा है कि वे एक सप्ताह के अंदर नया प्रस्ताव पेश कर देंगे.

नेतृत्व

ये तीनों देश ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चल रही बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं और ब्रिटेन इस समय यूरोपीय संघ का अध्यक्ष भी है.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि नया प्रस्ताव पेश करने के लिए वे एक सप्ताह का समय मांग रहे हैं जो मई में जिनेवा में हुई बातचीत के तहत ही हैं.

इस साल मई में जिनेवा में ईरान और तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी के बीच बातचीत हुई थी.

इन देशों ने यह भी कहा है कि अगर ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू करता है तो वे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से सलाह करेंगे.

ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने ईरान को आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर कई तरह के पैकेज देने का प्रस्ताव रखा है.

बीबीसी संवाददाता जॉन लेन ने कहा है कि ईरान की धमकी से स्थिति ख़तरनाक हो सकती है. वैसे अमरीका ईरान पर आरोप लगाता रहा है कि वह परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है.

लेकिन ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है. अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ईरान ने नवंबर 2004 में यूरेनियम संवर्धन का कार्यक्रम रोक दिया था.

हालाँकि ईरान ने पहले भी इस बात पर ज़ोर दिया था कि परमाणु कार्यक्रम पर रोक अस्थायी है और वह अपना कार्यक्रम फिर शुरू कर सकता है.