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रविवार, 24 जुलाई, 2005 को 08:48 GMT तक के समाचार

चार्ल्स के रिश्तेदारों में गुस्सा

लंदन पुलिस की गोलीबारी में मारे गए ब्राज़ील के नागरिक के रिश्तेदारों ने इस घटना पर गुस्सा व्यक्त किया है.

मारे गए व्यक्ति 27 वर्षीय जीं चार्ल्स डी मैनेज़ेज़ पिछले तीन साल से वैध तरीके से लंदन में रह रहे थे और उन्हें अंग्रेज़ी भाषा की अच्छी जानकारी थी.

जानकारी मिली है कि वे 'इलेक्ट्रीशन' थे, यानि बिजली का काम करते थे.

बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसापर इस घटना के बाद, आत्मघाती हमलावरों का सामना करने के लिए अब तक गुप्त रखी जा रही पुलिस की रणनीति पर चर्चा और उसे परखने की माँग बढ़ेगी.

ये भी माना जा रहा है कि इस घटना के बाद, ऐसी घटनाएँ दोबारा होने के डर से, पुलिस के अल्पसंख्यक समुदायों के साथ रिश्ते और पेचीदा हो सकते हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसी घटनाओं से जनता से पुलिस को मिलने वाली महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारी पर भी असर पड़ सकता है.

लापरवाही का आरोप

चार्ल्स के रिश्तेदारों को तो उनकी मौत का विश्वास ही नहीं हुआ.

लंदन में रहनी वाले उनके रिश्तेदार एलक्स पेरेरा का कहना था, "केवल माफ़ी माँगना काफ़ी नहीं है. मेरा मानना है कि मेरा रेश्तेदार पुलिस की लापरवाही के कारण मारा गया."

उनका कहना था कि उनके रिश्तेदार को 'सरकार की ग़लतियों का नतीजा' भुगतना पड़ा.

उनके एक अन्य रिश्तेदार ने ब्राज़ील टीवी पर बात करते हुए आरोपल लगाया कि 'ब्रितानियों ने लंदन में एक निर्दोष व्यक्ति और इराक़ में 25 हज़ार अन्य निर्दोष लोगों को मार दिया है.'

ब्राज़ील के एक छोटे कसबे गोंज़ागा में मृतक व्यक्ति की दादी ने चार्ल्स को एक मेहनती और बुद्धिमान युवक बताया.

उनका कहना था कि 'ऐसा कोई कारण नहीं हो सकता कि चार्ल्स को कोई आतंकवादी समझे.'

चार्ल्स के परिवार ने अनुरोध किया है कि उनके शव को जल्द से जल्द उन्हें सौंप दिया जाना चाहिए ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके.