शनिवार, 16 जुलाई, 2005 को 07:22 GMT तक के समाचार
मिस्र सरकार ने कहा है कि रसायनशास्त्र के जिस वैज्ञानिक को लंदन बम धमाकों में हाथ होने के संदेह में काहिरा से गिरफ़्तार किया गया है उनका अल क़ायदा से कोई संबंध नहीं है.
मिस्र के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री हबीब अल अदली ने कहा कि इस वैज्ञानिक अल नशर को लंदन बम धमाकों से जोड़ने वाली तमाम ख़बरें बेबुनियाद हैं.
अल नशर ने मिस्र के अधिकारियों को बताया है कि उनका लंदन बम धमाकों से कुछ लेना देना नहीं है.
अल नशर ने कहा कि वह छुट्टियाँ बिताने के लिए मिस्र में है और वापस इंग्लैंड लौटना चाहता है जहाँ उनका सबकुछ है.
काहिरा में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा बहुत कम होता है कि मिस्र के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने के बारे में इस तरह से सफाई पेश करें.
संवाददाता का कहना है कि ब्रितानी सुरक्षा अधिकारियों ने अल नशर से हुई पूछताछ की निगरानी की और मिस्र के अधिकारी जाँच में मदद के लिए अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि अल नशर को उनके साथियों ने जुलाई में ब्रिटेन के शहर लीड्स में देखा था.
ब्रिटिश पुलिस लीड्स में मोहम्मद अल नशर से संबंधित घर की तलाशी ले रही है. हालाँकि उन्हें आधिकारिक रूप से संदिग्ध क़रार नहीं दिया गया है.
कहा जाता है कि मोहम्मद अल नशर ने लीड्स से रसायनशास्त्र में पीएचडी की है.
बीबीसी संवाददाता का कहना था कि मोहम्मद अल नशर का इस मामले से संबंध अभी तक अस्पष्ट है लेकिन यह जानकारी मिली है कि उन्होंने बम विस्फोट करने वालों को लीड्स के एक मकान की चाबियाँ सौंपी थीं.
इधर जाँच से पता चला है कि लीड्स के एक घर से मिले विस्फोटक देसी थे.
पुलिस ने शुरूआत में माना था कि हमलों में सेना द्वारा इस्तेमाल किया जानेवाले विस्फोटक इस्तेमाल किए गए थे.
इस विस्फोटक के इस्तेमाल में बेहद सावधानी की ज़रूरत होती है.