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बुधवार, 13 जुलाई, 2005 को 11:17 GMT तक के समाचार

कृष्ण कुमार
सैनफ़्रांसिस्को से

समलैंगिकों का अड्डा है सैनफ़्रांसिस्को

समलैंगिकता को अमरीका के कई हिस्सों में अलग नजर से देखा जाता होगा परंतु सैनफ्रांसिस्को के पश्चिमी तट के लोगों ने समलैंगिकों को मुख्यधारा में मिला लिया है.

आज सैनफ्रांसिस्को भारतीय मूल के समलैंगिकों के लिए भी एक मुख्य अड्डा बन गया है.

कंप्यूटर विज्ञान शोधकर्ता यतीन चवाथे कहते हैं, "मुंबई में रहते हुए मुझे समलैंगिक समुदाय के बारे में कुछ भी मालूम नहीं था. मैं सेनफ्रासिस्को के खाड़ी क्षेत्र में अपनी पढ़ाई के लिए आया और यहाँ अंतत: मुझे मनचाही शांति मिली."

सन् 1986 में सैनफ़्रांसिस्को खाड़ी-क्षेत्र में स्थापित दक्षिण एशियाई समलैंगिकों की संस्था 'त्रिकोण' की सक्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है.

इसकी 'त्रिकोण' नाम से ही प्रकाशित पत्रिका समलैंगिकों के बीच लोकप्रिय है.

संरक्षण

सैनफ़्रांसिस्को खाड़ी-क्षेत्र में भारतीय अमरीकी समलैंगिकों को मिलने वाला संरक्षण ही वह मुख्य कारण है जो उन्हें इस जगह की ओर खींचता है.

अंजलि(प्रार्थना पर नाम बदला गया) कहती हैं, "हम यहाँ पूरी तरह सुखी हैं. यहाँ की मजबूत संरक्षण प्रणाली और लोगों का एक समान व्यवहार, एक सी नज़र ही ऐसे मुख्य कारण हैं कि हमें यह जगह बड़ी सुखमय लगती है और हम यहां सुरक्षित महसूस करते हैं.

सैनफ़्रांसिस्को में "केस्ट्रो स्ट्रीट" वह जगह है जहाँ समलैंगिक लोग एकत्रित होते हैं.

सुधीर(नाम बदल दिया है) सप्ताहांत में केस्ट्रो स्ट्रीट आते हैं. उन्होंने कहा, "यहाँ किसी की आंखें नहीं घूरतीं और न ही चुभने वाली बातें सुनने को मिलती है और हर व्यक्ति अपने मन माफिक अपना समय गुजार सकता है."

भारतीय अमरीकी समलिंगी समुदाय ख़ुद की पार्टियाँ और फ़िल्म शो भी आयोजित करता है.

ऋषि समलैंगिक पार्टियों में जाना पसंद करते हैं और ऐसी पार्टियां आयोजित भी करते हैं. उन्होंने कहा, "हम गे समुदाय को पसंद आने वाली फ़िल्में देखते हैं. अमिताभ बच्चन वाली बालीवुड फ़िल्मों की तरफ हमारा झुकाव अधिक नहीं है."