सोमवार, 11 जुलाई, 2005 को 17:08 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि वे इस बात पर विचार करेंगे कि क्या लंदन बम विस्फोटों के बाद पुलिस को और अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए.
संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में बयान देते हुए विस्फोटों के संबंध में प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा कि अगर पुलिस को और अधिकार चाहिए तो संसद में आतंकवाद निरोधक विधेयक को और जल्दी पेश किया जाएगा.
आतंकवाद निरोधक विधेयक इसी साल के अंत में संसद में पेश किया जाना है.
विस्फोटों की जांच के बारे में टोनी ब्लेयर का कहना था, "मैं आपको जाँच के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे सकता. पुलिस अपना काम कर रही है और ऐसी जांच देश में शायद ही पहले कभी हुई हो. विस्फोटों के लिए ज़िम्मेदार और इसकी साज़िश करने वालों की जब तक पहचान नहीं होती और उन्हें पकड़ा नहीं जाता तब तक हम आराम नहीं करेंगे."
ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा कि विस्फोटों के पीछे इस्लामी चरमपंथियों का हाथ हो सकता है लेकिन साथ ही उनका कहना था कि ब्रिटेन के मुसलमानों ने देश की उन्नति में खासा योगदान किया है.
धमाकों की जांच से जुड़े मेट्रोपोलिटन पुलिस के आयुक्त सर इयान ब्लेयर ने कहा है कि ये विस्फोट ब्रिटेन के इतिहास में अपराध का सबसे बड़ा दृश्य है.
उन्होंने लापता लोगों के रिश्तेदारों और आम जनता से संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि मृतकों की पहचान में अभी समय लगेगा.
सहयोग
लंदन में बम धमाकों के बाद यूरोप की सुरक्षा एजेंसियां संभवत पहली बार इतने सहयोग के साथ काम कर रही हैं.
मैड्रिड बम धमाकों के बाद यूरोपीय संघ के आतंकवाद निरोधक मामलों के समन्वयक नियुक्त किए गए घिस डि व्रिस ने कहा कि लंदन की घटना के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सुरक्षा खतरे का जायज़ा ले रही हैं.
यूरोपोल, इंटरपोल और स्पेन की सुरक्षा एजेंसियां लंदन को मदद कर रही है.
ब्रिटेन के गृह मंत्री चार्ल्स क्लार्क बुधवार को यूरोपीय संघ के देशों के गृह मंत्रियों की एक बैठक कर रहे हैं जिसमें फोन लाइनों को टेप करने, ईमेल पर नज़र रखने और हथियार इत्यादि के बारे में एक डाटाबेस बनाने के बारे में बातचीत होगी.
यूरोप के कुछ देशों ने निजी फोन कॉलों को टेप करने पर आपत्ति जताई है और इस मुद्दे पर यूरोपीय संसद की नागरिक अधिकारों संबंधी समिति बुधवार को अपनी बात रखने वाली है.