सोमवार, 04 जुलाई, 2005 को 01:25 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि वे जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में 'ग्लोबल वॉर्मिंग' यानि पृथ्वी के बढ़ते तापमान की बहस को नया मोड़ देना चाहते हैं.
वे चाहते हैं कि जलवायु परिवर्तन के लिए ज़िम्मेदार ग्रीनहाउस गैसों को घटाने की जगह ऐसी नई तकनीकों की बात होनी चाहिए जिनसे वायुमंडल से इन गैसों को साफ़ किया जा सके.
दुनिया के आठ प्रमुख औद्यौगिक देशों के समूह जी-8 की शिखर बैठक से पहले एक इंटरव्यू में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ये विचार व्यक्त किए.
उन्होंने माना है कि पृथ्वी के तापमान का बढ़ना एक प्रमुख मुद्दा है जिसके लिए 'कुछ हद तक' मानव गतिविधियाँ ज़िम्मेदार हैं.
उधर फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने उम्मीद जताई है कि जी-8 बैठक में पृथ्वी के बढ़ते तापमान का समाधान करने के लिए कोई सहमति हो सकेगी.
उन्होंने माना कि वे और अन्य नेता भी इस विषय पर अमरीका के रुख़ स्पष्ट करने का इंतज़ार कर रहे हैं.
राष्ट्रपति शिराक ने ऐसा जर्मनी के चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद कहा.
'विकल्प खोजें'
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का कहना था कि वे क्योटो संधि का विरोध करते रहेंगे क्योंकि उसके तहत ऊर्जा के इस्तेमाल पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं.
राष्ट्रपति बुश का कहना था कि दुनिया को जीवावशेष से ईंधन पाने की प्रक्रिया से हटकर इसके विकल्प खोजने चाहिए.
उन्होंने अमरीका में प्रदूषण-रहित ऊर्जा केंद्रों और वहाँ हाइड्रोजन गैस से चलाए जाने वाले वाहनों का ज़िक्र किया.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति बुश चाहते हैं कि अमरीका का विदेशी देशों के तेल पर निर्भर होना कम करना चाहते हैं.