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शनिवार, 25 जून, 2005 को 18:48 GMT तक के समाचार

ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से हराया गया: रफ़संजानी

ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में पराजित उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफ़संजानी ने अपनी हार पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें 'ग़ैरक़ानूनी तरीक़े' से हराया गया है.

रफ़संजानी ने कहा कि मतदाताओं को उनके ख़िलाफ़ करने के लिए ग़ैरक़ानूनी अभियान चलाया गया.
उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारी या तो इस समस्या से निपटने में असमर्थ थे या वे इससे निपटना नहीं चाहते थे.

हालाँकि रफ़संजानी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे नतीजे के ख़िलाफ़ अपील नहीं करेंगे.

दूसरे दौर के चुनाव में रफ़संजानी को तेहरान के मेयर महमूद अहमदीनेजाद से हार का सामना करना पड़ा. अहमदीनेजाद को क़रीब 62 प्रतिशत मत मिले जो रफ़संजानी को मिले मतों का लगभग दोगुना था.

1989 से 1997 के बीच राष्ट्रपति रहे रफ़संजानी को इस बार के चुनाव में सबसे आगे माना जा रहा था. पहले दौर के चुनाव में भी वे पहले नंबर पर रहे थे.

लेकिन दूसरे दौर में उन्हें कट्टरपंथी उम्मीदवार अहमदीनेजाद ने पीछे छोड़ दिया. अपनी जीत के बाद अहमदीनेजाद ने कहा कि उनकी जीत देश के दुश्मनों को करारा झटका है.

आलोचना

लेकिन चुनाव के नतीजों से रफ़संजानी काफ़ी नाराज़ हैं. ईरानी समाचार एजेंसी ने रफ़संजानी का बयान जारी किया है.

रफ़संजानी ने इस बयान में कहा, "मतदान के दौरान सत्ता के सभी साधनों का संगठित और ग़ैरक़ानूनी रूप में इस्तेमाल हुआ."

उन्होंने उन लोगों की कड़ी आलोचना की जिन्होंने उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने के लिए अरबों-खरबों रियाल (ईरानी मुद्रा) ख़र्च किए.

उन्होंने कहा, "मैं नतीजों की शिकायत नहीं करना चाहता. क्योंकि जजों ने दिखा दिया है कि वे या तो कुछ कर नहीं सकते या कुछ करना नहीं चाहते. मैं इसे अल्लाह पर छोड़ रहा हूँ."

70 वर्षीय रफ़ंसजानी ने कहा कि वे इन राष्ट्रपति चुनाव में इस्लामी क्रांति को ज़िंदा रखने, इस्लाम, ईरान और देश की जनता की सेवा करने के लिए उम्मीदवार बने थे.

हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी लोगों को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की सहायता करनी चाहिए.