शनिवार, 18 जून, 2005 को 00:54 GMT तक के समाचार
चरमपंथी संगठन अल क़ायदा में नंबर दो माने जाने वाले एमन अल ज़वाहिरी का नया वीडियो टेप जारी हुआ है.
इस टेप में ज़वाहिरी ने मुस्लिम देशों को चेतावनी दी है कि सुधार का अमरीका तरीक़ा न अपनाएँ.
अल जज़ीरा पर जारी हुए इस वीडियो टेप में ज़वाहिरी ने कहा है कि मुस्लिम देशों में कोई भी बदलाव इस्लामी क़ानून के आधार पर होना चाहिए.
फरवरी में भी अल जज़ीरा ने ज़वाहिरी का वीडियो टेप जारी किया था. उसके बाद पहली बार ज़वाहिरी ने वीडियो टेप में कोई संदेश जारी किया है.
टेप में ज़वाहिरी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के तहत भी कोई बदलाव लाने की संभावना के प्रति मुस्लिम देशों को चेतावनी दी.
वीडियो टेप में ज़वाहिरी ने कहा, "आक्रमण करने वाली शक्तियों और यहूदियों को हमारे मुस्लिम देशों से बाहर निकालने की बात सिर्फ़ प्रदर्शनों या सड़कों पर भाषण देने से नहीं समझ में आ सकती."
ज़वाहिरी ने कहा कि सुधार और आक्रमण करने वाली शक्तियों को मुस्लिम देशों से बाहर निकालने का काम सिर्फ़ अल्लाह के नाम पर जंग से हासिल हो सकता है.
आलोचना
अल जज़ीरा की ओर से कहा गया है कि ज़वाहिरी ने वीडियो टेप में पिछले महीने मिस्र में प्रदर्शनों के दौरान महिलाओं पर हमले की निंदा की.
ज़वाहिरी ने पश्चिम समर्थक रुख़ अपनाने के कारण पाकिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र की सरकारों की आलोचना भी की.
नए वीडियो टेप में ज़वाहिरी उसी अंदाज़ में दिखे जिस तरह वे पहले दिखते थे. नए वीडियो में भी उन्होंने उजली पगड़ी बाँध रखी थी और उनके पीछे मशीन गन रखा हुआ था.
फरवरी में जारी हुए टेप में ज़वाहिरी ने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा था कि वे इस्लामी दुनिया का सम्मान करें. टेप में ज़वाहिरी ने मध्य पूर्व में सुधारों के लिए राष्ट्रपति जॉर्ज की अपील की आलोचना की थी.
11 सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए हमले के बाद अमरीका ने अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और ज़वाहिरी को पकड़ने के लिए बड़ा अभियान छेड़ा था लेकिन अभी तक वे पकड़े नहीं जा सके हैं.