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बुधवार, 15 जून, 2005 को 21:39 GMT तक के समाचार

'परमाणु मुद्दे पर ईरान ने गुमराह किया'

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि परमाणु बम बनाने में काम आने वाला प्लूटोनियम ईरान 1998 से बना रहा था जबकि इसकी सूचना पाँच साल बाद दी गई.

संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि ईरान ने पहले ये ख़बर दी थी कि वह अपने परमाणु परीक्षण 1993 में ख़त्म कर चुका था.

संवाददाताओं का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट से इस आशंका को बल मिलेगा कि ईरान परमाणु बम बना रहा है. हालांकि ईरान हमेशा से इस आरोप का खंडन करता रहा है.

ईरान में राष्ट्रपति चुनावों में सबसे आगे चल रहे अकबर हाशमी रफ़संजानी ने बीबीसी ईरान से कहा है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रमों की पूरी जानकारी नहीं दी थी.

उन्होंने कहा, "हो सकता है कि कभी ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में जानकारी न भी दी हो."

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति रफ़संजानी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी पर दोषारोपण करते हुए कहा है, "एजेंसी ने भी अपनी भूमिका ठीक तरह से नहीं निभाई क्योंकि उसने कभी भी ईरान को परमाणु कार्यक्रम के शांति पूर्ण उपयोग के कार्यक्रमों में भी कोई सहयोग नहीं किया."

अगले शुक्रवार को होने वाले चुनाव में सबसे आगे चल रहे रफ़संजानी ने कहा कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम को नहीं छोड़ने वाला है.

हालांकि उन्होंने इस बात से इंकार किया है कि ईरान और अमरीका के बीच कोई युद्ध की संभावना है क्योंकि ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा है.

बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में रफ़संजानी ने कहा है कि हाल ही में अमरीका ने ईरान के साथ बातचीत में रुचि दिखाई है.

उन्होंने कहा कि अमरीका ने ईरान के विश्व व्यापार संगठन में शामिल होने का रास्ता साफ़ कर दिया है और उसे विमान के कल पुर्जे बेचने को राज़ी हो गया है.

रफ़संजानी ने अमरीका से अनुरोध किया है कि जितनी जल्दी हो सके इराक़ को छोड़ दीजिए और इराक़ पर इराक़ियों को राज करने दीजिए.

रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट गुरुवार को पेश की जानी है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि ईरान ने कहा था कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम 1993 में बंद कर चुका है लेकिन अब उसने स्वीकार किया है कि वह 1998 तक प्लूटोनियम बनाने के लिए प्रयासरत था.

ईरान ने स्वीकार किया है कि 1995 से 1998 के बीच भी परीक्षण हुए हैं.

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान ने वह तकनीक हासिल कर ली है जिससे वह अनुमान से काफ़ी पहले ही परमाणु हथियार बनाने में सक्षम हो गया है.

ईरान अब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी की दो साल से चल रही जाँच को बंद करने की माँग कर रहा है और उसका दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम मूल रूप से शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.